DAP fertilizer shortage, सिटी रिपोर्टर | चरखी दादरी : चरखी दादरी में दूसरे दिन भी डीएपी के लिए काफी मारामारी दिखाई दी। खाद वितरित होने की सूचना पर अल सुबह ही किसान पुरानी अनाज मंडी में पहुंचने शुरू हो गए थे। लेकिन विभाग के पास मंगलवार को सिर्फ 400 बैग डीएपी के ही थे। ऐसे में दोपहर तक 200 किसानों को दो दो बैग डीएपी देने के बाद शटर डाउन कर दिया गया। ऐसे में अल सुबह से लाइनों में लगे 300 से ज्यादा किसानों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरान खाद लेने के लिए किसानों ने हंगामा भी किया, लेकिन कुछ देर बाद पुलिस आ गई और सामान्य वितरण शुरू हो पाया।
किसानों का मानना है कि हैफेड विभाग किसानों को खाद की पूर्ति करवाने में असमर्थ साबित हो रहा है। उनका मानना है कि हैफेड कर्मचारी अपने चहेतों को खाद उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि सुबह 3 बजे घर से आने वाले किसान बिना खाद के ही वापस जा रहे हैं। ऐसे में किसानों को कैसे अच्छी पैदावार मिल सकेगी। मंगलवार को हैफेड कर्मचारियों द्वारा किसानों के बीच खाद का वितरण किया गया।
लेकिन फिर भी 300 किसान ऐसे बिना खाद के घर लौटे जिन्होंने कर्मचारियों के कहने पर अपना पंजीकरण भी करवाया था और लगभग 300 से भी ज्यादा किसान सोमवार की तरह बिना खाद के घर पर मायूस होकर लौटे।
लाइनों में लगने के बाद भी नहीं मिल रही खाद
महिला किसान रेखा, बिमला, कपिला ने कहा कि डीएपी लेने के लिए तो घर का सारा काम छोड़ कर सुबह घर से आते हैं और सारा दिन बीत जाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि एक तो भगवान किसानों के पीछे पड़ा हुआ है और दूसरे से
हैफेड वाले भी किसान को खाद नहीं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार का नारा समृद्ध किसान कैसे पूरा हो पाएगा।
दो दिन में बांटे 1 हजार बैग
किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध करवाने के लिए रविवार को जिले में 1 हजार खाद के बैग भेजे गए थे। जिनको हैफेड कर्मचारियों द्वारा सोमवार और मंगलवार दो दिन में खाद के एक हजार बैग बांटे गए हैं। लेकिन फिर भी 700 से ज्यादा किसानों को वंचित रहना पड़ा है।
डिमांड के अनुसार नहीं आ रहे हैं खाद के बैग
मैनेजर हैफेड के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि किसानों को जरूरत को देखते हुए हर बार 3 से 4 हजार बैग की डिमांड भेजी जा रही है। लेकिन भेजी गई डिमांड के अनुसार खाद के बैग न आने से सभी किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जिसके कारण ही किसानों को मायूस होकर खाद बिक्री केंद्र से लौटना पड़ रहा है।













