ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

E20 पेट्रोल से किसानों की बल्ले-बल्ले, 2025 में ₹40,000 करोड़ की कमाई, जानें कैसे!

On: September 2, 2025 8:06 PM
Follow Us:
E20 पेट्रोल से किसानों की बल्ले-बल्ले, 2025 में ₹40,000 करोड़ की कमाई, जानें कैसे!
Join WhatsApp Group

E20 Petrol India, सिटी रिपोर्टर | नई दिल्ली : भारत में E20 पेट्रोल की बढ़ती लोकप्रियता किसानों के लिए सुनहरा मौका लेकर आई है। इस साल E20 पेट्रोल से किसानों को करीब 40,000 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, यह कदम सरकार को 43,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में भी मदद करेगा। ऑटोमोटिव टेस्टिंग एजेंसी ARAI, तेल कंपनियों और वाहन निर्माताओं के साझा बयान में यह जानकारी सामने आई है। E20 पेट्रोल न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह किसानों को ‘अन्नदाता’ से ‘ऊर्जादाता’ बना रहा है। आइए, जानते हैं इसकी पूरी कहानी।

E20 पेट्रोल की शुरुआत और मकसद

E20 पेट्रोल प्रोग्राम की शुरुआत 2001 में हुई थी, लेकिन अब यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सरकार का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस पहल से अब तक 736 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हुआ है, जो 30 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा कदम है।

सैटेलाइट रिपोर्ट ने खोली पोल: फरीदाबाद और सिरसा के किसानों पर कानूनी डंडा, जुर्माना भी लगा
सैटेलाइट रिपोर्ट ने खोली पोल: फरीदाबाद और सिरसा के किसानों पर कानूनी डंडा, जुर्माना भी लगा

11 साल में कितना फायदा?

पिछले 11 सालों में E20 प्रोग्राम ने भारत को 1.44 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद की है। इस दौरान 245 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की जगह एथनॉल का इस्तेमाल हुआ। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बची, बल्कि कच्चे तेल पर खर्च होने वाला पैसा अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। किसानों की फसलों से बने एथनॉल ने उन्हें नया आर्थिक आधार दिया है।

माइलेज की चिंता का जवाब

खेती की नई तकनीक: मल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन से बढ़ाएं सब्जियों की पैदावार, देखें पूरी रिपोर्ट
खेती की नई तकनीक: मल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन से बढ़ाएं सब्जियों की पैदावार, देखें पूरी रिपोर्ट

कई लोग E20 पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज कम होने की चिंता जताते हैं। बयान में साफ किया गया है कि माइलेज ड्राइविंग की आदतों, गाड़ी की उम्र, मेंटेनेंस और टायरों की स्थिति पर निर्भर करती है, न कि एथनॉल की मात्रा पर। पुराने वाहनों पर टेस्टिंग में माइलेज में सिर्फ मामूली कमी देखी गई, जो चिंता का विषय नहीं है।

E20 पेट्रोल के फायदे

एथनॉल की ऑक्टेन रेटिंग 108.5 है, जबकि पेट्रोल की 84.4। इससे आधुनिक हाई-कंप्रेशन इंजन बेहतर चलते हैं, खासकर शहर की ड्राइविंग में। एथनॉल मिलाने से पेट्रोल की क्वालिटी BS-VI मानकों के तहत RON 88 से बढ़कर RON 95 हो गई है, जिससे इंजन में नॉकिंग रुकती है और परफॉर्मेंस सुधरती है। यह गाड़ी की दक्षता और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है।

Oben Electric की नई 'बोल्ड' बाइक 30 अप्रैल को होगी लॉन्च, प्रोजेक्टर हेडलाइट्स ने किया हैरान
Oben Electric की नई ‘बोल्ड’ बाइक 30 अप्रैल को होगी लॉन्च, प्रोजेक्टर हेडलाइट्स ने किया हैरान

अफवाहों का खंडन

सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर कई अफवाहें फैलीं, जैसे फ्यूल टैंक में पानी घुसना या इंश्योरेंस कवर प्रभावित होना। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया कि डीलर्स को एथनॉल ब्लेंडिंग से कोई शिकायत नहीं मिली। सरकारी अधिकारियों और बीमा कंपनियों ने भी पुष्टि की कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों का बीमा और वारंटी पूरी तरह मान्य रहेगी।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment