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Fatehabad News: फतेहाबाद में बाढ़ का कहर, 20 हजार एकड़ फसलें डूबीं, दो सितंबर तक और बारिश का खतरा!

On: August 30, 2025 6:39 PM
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Fatehabad News: फतेहाबाद में बाढ़ का कहर, 20 हजार एकड़ फसलें डूबीं, दो सितंबर तक और बारिश का खतरा!
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Fatehabad Crop Damage (फतेहाबाद) : मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक अच्छी बरसात होने की संभावना जताई है, जिसकी शुरूआत शुक्रवार दोपहर से हो भी गई है। जिससे किसान अधिक परेशान दिख रहे है। जिले में पहले ही 20 हजार एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई है। जिसकी मुआवजे की मांग किसान कर रहे है। वहीं सेमग्रस्त किसानों को ही ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का अधिकार है। टोहाना, फतेहाबाद, भूना व भट्टूकलां क्षेत्र के अनेक गांवों में फसलें डूब गई है। इस महीने अब तक रिकार्ड 250 एमएम बरसात भी हो चुकी है जो अपने आप में रिकार्ड है। टोहाना के भीमेवाला में 250 एकड़ फसल डूब गई।

शुक्रवार दोपहर भूना व आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे तक झमाझम बरसात हुई, जिसने शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। हिसार रोड, उकलाना रोड, कुलां रोड, अनाज मंडी, फतेहाबाद रोड और नेहरू पार्क क्षेत्र में पानी भर गया। हिसार रोड पर तो डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया।

चंदननगर क्षेत्र में भूमिगत पुलिया से पानी सीधे रिहायशी क्षेत्र के बीचोंबीच बने गंदे तालाब में प्रवेश कर गया। ढाणी सांचला व बोस्ती मार्ग से खेतों का पानी भी शहर में घुस गया, जिसने नगर पालिका प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी। नपा ने ढाणी सांचला रोड पर दो जगह जेसीबी व पंप सेट लगाकर निकासी शुरू की, लेकिन भारी वर्षा ने हालात बिगाड़ दिए।

अगस्त में 250 एमएम बरसात, किसानों को पूरी फसल बर्बाद होने की चिंता

मौसम विभाग ने दो सितंबर तक अच्छी बरसात की संभावना जताई है। अगस्त महीने में अब तक 250 एमएम बारिश हो चुकी है, जिससे 20 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसलें डूब चुकी है। समग्रस्त क्षेत्र के किसानों में भी चिंता बढ़ी है। जिले के 22 गांवों के किसानों ने ई-क्षतिपोर्टल पर आवेदन कर नुकसान की भरपाई की मांग की है। खेतों में धान और कपास की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान कह रहे हैं कि अगर इसी तरह पानी जमा रहा तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।

प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दे सरकारः विधायक जरनैल

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कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने शुक्रवार को रतिया क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों व ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गत दिनों हुई भारी बरसात से किसानों की धान व नरमे की फसलें बर्बाद हो गई, जिससे सैकड़ों किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। साथ ही कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। विधायक ने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को तुरंत मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में खेतों में जलभराव की समस्या रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।

पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण के आंकड़े इस प्रकार हैं:

फतेहाबाद: 5 गांव, 412 किसान, 1,589 एकड़

भट्टूकलां: 7 गांव, 777 किसान, 4,490 एकड़

कुल: 22 गांव, 1,189 किसान, 6,537 एकड़

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किसानों का कहना है कि अगर पानी अधिक समय तक खेतों में जमा रहा, तो धान, कपास, बाजरा और अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।

बारिश का आंकड़ा

जिले में बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:

जुलाई 2024: 102.1 मिमी
जुलाई 2025: 168.2 मिमी
अगस्त 2024: 90.0 मिमी
अगस्त 2025: 250.0 मिमी

हिसार के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने चेतावनी दी कि दो सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहेगा। किसानों को पानी निकासी की तैयारी रखनी चाहिए, वरना फसलों को और नुकसान हो सकता है।

घग्घर नदी के तटबंध कमजोर, किसानों में गहरी चिंता

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किसानों का कहना है कि जाखल रेलवे लाइन से लेकर घग्घर नदी के पुल तक का किनारा बेहद कमजोर है, जिस पर तुरंत काम होना चाहिए। बरसात से नदी किनारे की मिट्टी बह गई है। गांवों की धान की फसल लगभग तैयार है, लेकिन अगर समय रहते तटबंध मजबूत नहीं किए गए तो फसल और गांव दोनों को खतरा हो सकता है। अभी से सावधानी नहीं बरती गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी के किनारे कमजोर तटबंध को लेकर किसानों में चिंता और गुस्सा है।

कासिमपुर तटबंध के पास की मिटटी खिसकने से खतरा और बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मजबूरी में खुद बाहर से मिट्टी मंगवाकर बैग भरकर बांध को दुरुस्त करना पड़ रहा है। लाभ सिंह, नसीब, हरविंदर, सुखराज, रंजीत और हरदेव सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को बीडीपीओ जाखल को बताया था।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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