Haryana Farmer Census: Good news for farmers in Haryana! Government will conduct a special census, they will get big benefits: चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है! कृषि डाटा को और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था शुरू की जा रही है।
इस नई पहल के तहत भूमि रिकॉर्ड को सटीक करने के साथ-साथ साल 2027 की जनगणना की तैयारियां भी जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसके लिए सरकार ने नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है। यह कदम किसानों को उनकी फसलों और मुआवजे से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद करेगा। आइए, इस खास योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
जनगणना की तैयारियां शुरू Haryana Farmer Census
हरियाणा में जनगणना का काम चरणबद्ध तरीके से होगा। सबसे पहले अक्टूबर-नवंबर 2025 में पंचकूला, हिसार और फरीदाबाद जिलों में पायलट जनगणना करवाई जाएगी। इसके बाद अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण का काम पूरा किया जाएगा।
फिर, साल 2027 में अंतिम जनगणना का आयोजन होगा। इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए राजस्व विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमित्रा मिश्रा ने सभी उपायुक्तों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें इस योजना को तेजी से लागू करने पर जोर दिया गया।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इस समीक्षा बैठक में अगले कृषि सीजन से एग्रीटेक आधारित फसल सर्वेक्षण और किसान रजिस्ट्री लागू करने पर भी चर्चा हुई। इस नई पहल से किसानों को बड़ा फायदा होगा। अब सरकार के पास किसानों की सटीक और अपडेटेड जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे फसलों के नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। इससे किसानों को समय पर उचित मुआवजा मिलेगा।
साथ ही, इस डिजिटल व्यवस्था से हरियाणा की जनगणना प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह कदम न सिर्फ किसानों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक नई शुरुआत है।











