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Haryana Farmers: हरियाणा में किसानों को डिग्गी निर्माण पर 85% तक सब्सिडी, सोलर पैनल पर भी छूट

On: मई 4, 2025 3:24 अपराह्न
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Haryana Farmers , Farmers in Haryana get up to 85% subsidy on digging construction, discount on solar panels too
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Haryana Farmers , Farmers in Haryana get up to 85% subsidy on digging construction, discount on solar panels too: हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक शानदार पहल शुरू की है। वाटर टैंक स्कीम 2025 के तहत किसान अपने खेतों में डिग्गी (वाटर टैंक) बनाकर बारिश के पानी को संग्रहित कर सकेंगे।

यह पानी सूखे के दिनों में सिंचाई के लिए उपयोगी होगा, जिससे फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। इसके अलावा, डिग्गी पर सोलर पैनल लगाने के लिए 70% सब्सिडी भी दी जाएगी। यह योजना माइक्रो इरिगेशन कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MICADA) के पोर्टल के माध्यम से लागू की जा रही है, जो किसानों के लिए आधुनिक और टिकाऊ खेती का रास्ता खोल रही है।

सब्सिडी का बंपर लाभ Haryana Farmers

इस योजना में किसानों को उदार सब्सिडी का लाभ मिलेगा। अकेले आवेदन करने वाले किसान को डिग्गी निर्माण पर 70% सब्सिडी दी जाएगी, जबकि चार या अधिक किसानों का समूह बनाकर आवेदन करने पर 85% तक सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं। अकेले किसान के पास कम से कम 5 एकड़ जमीन होनी चाहिए, वहीं समूह के लिए कुल 5 एकड़ जमीन जरूरी है।

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जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

डिग्गी निर्माण के लिए आवेदन करने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की कॉपी, जमीन की फर्द या इंतकाल, जमीन का नक्शा, और मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किसान नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर MICADA पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान सिंगल या ग्रुप कैटेगरी चुनकर सभी जानकारी सावधानी से भरें और फॉर्म का प्रिंट जरूर निकाल लें।

योजना के फायदे

वाटर टैंक स्कीम 2025 किसानों के लिए कई तरह से लाभकारी है। डिग्गी में संग्रहित पानी से सूखे के समय सिंचाई की जा सकती है, जिससे फसलें सुरक्षित रहेंगी।

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सोलर पैनल के उपयोग से ट्यूबवेल चलाने का बिजली खर्च बचेगा। इसके अलावा, माइक्रो इरिगेशन जैसे ड्रिप या फव्वारा सिस्टम पर अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी। यह योजना न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की लागत कम कर उनकी आय को भी बढ़ाएगी।

आवेदन में सावधानियां

किसानों को आवेदन के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। खेत के जियो-टैग डिटेल्स (लैटिट्यूड-लॉन्गिट्यूड) जरूर शामिल करें। ग्रुप आवेदन में चार से कम किसानों का समूह 85% सब्सिडी के लिए पात्र नहीं होगा। सभी दस्तावेजों को सीएससी सेंटर पर स्व-सत्यापित करवाना अनिवार्य है। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आवेदन प्रक्रिया सुगम और सफल होगी।

किसानों के लिए नई उम्मीद

वाटर टैंक स्कीम 2025 हरियाणा के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह योजना जलवायु परिवर्तन और सूखे जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। साथ ही, आधुनिक तकनीकों जैसे सोलर पैनल और माइक्रो इरिगेशन के उपयोग से खेती को और लाभकारी बनाया जा सकेगा।

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नायब सैनी सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। किसानों को सलाह है कि वे जल्द से जल्द इस योजना का लाभ उठाएं और अपने खेतों को समृद्ध बनाएं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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