रेवाड़ी, 20 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी से 22वीं किस्त जारी होने के बाद, अब अन्नदाता को 23वीं किस्त का इंतजार है। केंद्र सरकार जून-जुलाई 2026 के बीच अगली किस्त जारी कर सकती है, लेकिन इसके लिए e-KYC और Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है।
केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) ने भारतीय कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति और आर्थिक सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। हाल ही में 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान योजना की 22वीं किस्त रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान डीबीटी (DBT) के माध्यम से देश के 9.32 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ₹18,640 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस किस्त का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें 2.15 करोड़ महिला किसानों को भी सीधा आर्थिक संबल मिला है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनके बढ़ते योगदान को रेखांकित करता है।
जून-जुलाई में आ सकता है पैसा
22वीं किस्त मिलने के बाद अब देशभर के किसान अगली यानी 23वीं किस्त की तारीख को लेकर उत्सुक हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भुगतान चक्र के अनुसार 23वीं किस्त जून से जुलाई 2026 के बीच जारी होने की प्रबल संभावना है। गौर करने वाली बात यह है कि सरकार ने अब लाभार्थी नियमों को और सख्त कर दिया है। अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपना e-KYC अपडेट कर लिया है और अपनी Farmer ID को पोर्टल से लिंक किया है। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के लिए उठाया गया है।
इन प्रक्रियाओं के बिना नहीं मिलेगा लाभ
योजना के तहत पारदर्शिता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘Farmer ID’ सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। यदि आपने अभी तक अपनी विशिष्ट किसान आईडी नहीं बनाई है या उसे पीएम-किसान पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है, तो आपकी ₹2,000 की अगली किस्त अटक सकती है। इसके साथ ही, आधार सीडिंग और लैंड रिकॉर्ड वेरिफिकेशन भी अनिवार्य है। किसान अपनी स्थिति की जांच करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। समय रहते इन प्रक्रियाओं को पूरा करना ही अगली किस्त सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है।
किसे नहीं मिलेगी किस्त?
पीएम किसान योजना का लाभ समाज के केवल सबसे निचले पायदान पर खड़े छोटे और सीमांत किसानों तक ही सीमित रखने के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है। सरकारी नौकरी करने वाले, ₹10,000 से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी, आयकर दाता और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति इस योजना के पात्र नहीं हैं। सरकार लगातार डेटा फिल्टरेशन के जरिए ऐसे अपात्र लोगों की पहचान कर रही है। अब तक इस योजना के माध्यम से कुल ₹4.27 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे अन्नदाताओं तक पहुँचाई जा चुकी है, जिससे उनकी बीज, खाद और अन्य कृषि इनपुट्स की लागत का बोझ कम हुआ है।
रोहतक के किसानों का नया दांव: गेहूं-धान छोड़ चुकंदर से कमा रहे बंपर मुनाफा
कृषि और किसानों से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।












