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हरियाणा सरकार का किसानों को तोहफा, अब वापस मिलेगी सरकारी ट्यूबवेल वाली जमीन

On: अप्रैल 15, 2026 11:52 पूर्वाह्न
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हरियाणा सरकार का किसानों को तोहफा, अब वापस मिलेगी सरकारी ट्यूबवेल वाली जमीन
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चंडीगढ़, 15 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अन्नदाताओं के हित में एक और नीतिगत फैसला लेते हुए पुराने भू-मालिकों को उनकी जमीन लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने सिंचाई और पंचायत विभाग को उन जमीनों का सर्वे करने का आदेश दिया है, जिन्हें कभी सरकारी ट्यूबवेल लगाने के लिए अधिग्रहित किया गया था लेकिन अब वे बेकार पड़ी हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे सैकड़ों ट्यूबवेल हैं जो तकनीकी कारणों या जलस्तर गिरने से बंद हो चुके हैं और उनकी जमीन का कोई सरकारी उपयोग नहीं हो रहा है।

घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते समय इस योजना का ऐलान किया था। बजट से पूर्व चर्चा के दौरान कई किसान संगठनों ने यह मुद्दा उठाया था कि अनुपयोगी जमीनों के कारण किसानों की खेती का रकबा कम हो रहा है। इसी सुझाव को स्वीकार करते हुए सरकार ने अब सिंचाई विभाग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। टीमें गठित कर जल्द ही ऐसी जमीनों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी।

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कलेक्टर रेट पर होगा जमीन का हस्तांतरण

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह जमीन वापसी एक तय प्रक्रिया के तहत होगी। चूंकि किसान पूर्व में जमीन के बदले सरकार से मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं, इसलिए अब उन्हें कलेक्टर रेट पर राशि जमा करानी होगी। इसके बाद ही मालिकाना हक कानूनी रूप से किसान को हस्तांतरित किया जाएगा। इस फैसले से उन किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिनकी उपजाऊ जमीन के बीचों-बीच सरकारी ट्यूबवेल लगे थे और अब वे ढांचागत खंडहर बनकर रह गए हैं।

सर्वे के लिए सिंचाई विभाग ने कसी कमर

सरकार के निर्देश मिलते ही सिंचाई विभाग सक्रिय हो गया है और जिला स्तर पर राजस्व रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि केवल उन्हीं जमीनों को चिन्हित किया जाए जिनका भविष्य में सिंचाई के लिए दोबारा इस्तेमाल संभव नहीं है। इस योजना से न केवल किसानों को उनकी पैतृक भूमि वापस मिलेगी, बल्कि गांवों में बेकार पड़ी सरकारी संपत्तियों का भी सही प्रबंधन हो सकेगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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