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हरियाणा में शहद को भी मिला भावांतर भरपाई योजना का लाभ

On: फ़रवरी 5, 2026 9:48 पूर्वाह्न
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हरियाणा में शहद को भी मिला भावांतर भरपाई योजना का लाभ
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चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने राज्य में मधुमक्खी पालन व्यवसाय को स्थिर आय से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया है. सरकार ने शहद को भी भावांतर भरपाई योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है, जिससे बाजार में कीमत गिरने पर नुकसान की भरपाई की जा सकेगी.

शहद के लिए तय हुआ संरक्षित मूल्य

प्रदेश सरकार के एक अधिकारी के अनुसार शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है. यदि बाजार में शहद इससे कम दाम पर बिकता है, तो पात्र मधुमक्खी पालकों को अंतर की राशि सरकार की ओर से दी जाएगी. इस व्यवस्था से शहद की बिक्री में भरोसा बनेगा और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा.

पंजीकरण के बिना नहीं मिलेगा लाभ

भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधु क्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. आवेदन करने वाला किसान हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए. विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन 30 जून तक किया जाएगा.

बॉक्स पर पहचान और मौके पर जांच

योजना के तहत हर मधुमक्खी बॉक्स पर किसान की फैमिली आईडी के अंतिम चार अंकों की गुदाई अनिवार्य होगी. बिना गुदाई वाले बॉक्स मान्य नहीं माने जाएंगे. गुदाई के बाद आवेदन किया जाएगा और फिर विभागीय अधिकारी मौके पर सत्यापन करेंगे.

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कुरुक्षेत्र में होगी गुणवत्ता जांच

आवेदन करने वाले मधुमक्खी पालकों के शहद की जांच एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर (कुरुक्षेत्र) में होगी. यहां शहद की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा. यदि सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो शहद को अमान्य कर दिया जाएगा और योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

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FAQs: शहद पर भावांतर भरपाई योजना (हरियाणा)

प्रश्न 1: शहद को भावांतर भरपाई योजना में क्यों शामिल किया गया है?
उत्तर: शहद की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मधुमक्खी पालकों को होने वाले नुकसान से बचाने और व्यवसाय को स्थिर आय से जोड़ने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है.

प्रश्न 2: शहद का संरक्षित मूल्य कितना तय किया गया है?
उत्तर: हरियाणा सरकार ने शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है.

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प्रश्न 3: बाजार भाव 120 रुपये से कम होने पर क्या होगा?
उत्तर: यदि बाजार में शहद की कीमत 120 रुपये प्रति किलो से कम रहती है, तो पात्र मधुमक्खी पालकों को अंतर की राशि भावांतर भरपाई योजना के तहत सरकार देगी.

प्रश्न 4: इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: वही मधुमक्खी पालक इस योजना के पात्र होंगे जो हरियाणा के मूल निवासी हों और निर्धारित पोर्टलों पर पंजीकरण कराएं.

प्रश्न 5: योजना के लिए पंजीकरण कहां करना होगा?
उत्तर: लाभ के लिए मधुमक्खी पालकों को मधु क्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है.

प्रश्न 6: पंजीकरण के बाद सत्यापन कब तक होगा?
उत्तर: ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी लाभार्थियों का विभागीय सत्यापन 30 जून तक किया जाएगा.

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प्रश्न 7: मधुमक्खी बॉक्स पर फैमिली आईडी क्यों जरूरी है?
उत्तर: हर बॉक्स पर किसान की फैमिली आईडी के अंतिम चार अंक गुदवाना अनिवार्य किया गया है, ताकि वास्तविक लाभार्थी की पहचान हो सके. बिना गुदाई वाले बॉक्स मान्य नहीं होंगे.

प्रश्न 8: शहद की गुणवत्ता जांच कहां और क्यों होगी?
उत्तर: शहद की जांच एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर (कुरुक्षेत्र) में होगी. गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने वाले शहद को योजना के तहत मान्य नहीं किया जाएगा, ताकि मिलावट की आशंका से बचा जा सके.

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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