ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

मेरी फसल मेरा ब्यौरा: धान की जगह मक्का-बाजरा उगाने वाले किसानों के खाते में आएगी भारी सब्सिडी

On: March 18, 2026 3:45 PM
Follow Us:
मेरी फसल मेरा ब्यौरा: धान की जगह मक्का-बाजरा उगाने वाले किसानों के खाते में आएगी भारी सब्सिडी
Join WhatsApp Group

चंडीगढ़ . हरियाणा के डार्क जोन में तब्दील हो रहे जिलों के किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ी आर्थिक राहत का ऐलान किया है। भूजल स्तर को पाताल में जाने से रोकने के लिए कृषि विभाग की ‘मेरा पानी- मेरी विरासत’ योजना को अब और आक्रामक तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो किसान धान (चावल) की पारंपरिक और अधिक पानी सोखने वाली खेती को छोड़ेंगे, उनके बैंक खातों में सीधे 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। इस फैसले का सीधा असर करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल जैसे प्रमुख धान बेल्ट वाले जिलों के लाखों किसानों की आय और खेती के तरीके पर पड़ेगा।

इन वैकल्पिक फसलों की बुवाई पर मिलेगा पैसा

कृषि विभाग ने धान के विकल्प के तौर पर कई कम पानी वाली फसलों की सूची जारी कर दी है। किसान अब धान की जगह अपने खेतों में कपास, बाजरा, मक्का, ज्वार, दलहन, तिलहन या बागवानी की फसलें उगाकर इस सरकारी सब्सिडी के हकदार बन सकते हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अगर कोई किसान जल संरक्षण के लिए अपनी जमीन को पूरी तरह खाली भी छोड़ देता है, तो भी उसे सरकार की तरफ से 8 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा।

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक

‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

इस भारी नकद लाभ को पाने के लिए किसानों को सरकारी दफ्तरों के धक्के खाने की कोई जरूरत नहीं है। कृषि विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है। किसानों को सिर्फ ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर जाकर अपनी जमीन और नई बोई जाने वाली फसल का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसी रजिस्ट्रेशन के आधार पर कृषि अधिकारियों द्वारा वेरिफिकेशन किया जाएगा और सब्सिडी का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

भविष्य की खेती और जमीन बचाने की आखिरी कोशिश

लगातार धान की रोपाई के कारण हरियाणा के कई जिलों का जलस्तर हर साल कई फीट नीचे खिसक रहा है। कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों से सीधे अपील की है कि वे पानी की अहमियत को समझें और भविष्य की खेती को बंजर होने से बचाएं। वैकल्पिक फसलों की बुवाई से न सिर्फ जमीन की उपजाऊ क्षमता लंबे समय तक बरकरार रहेगी, बल्कि पानी की भारी बचत के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा
यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा

सरसों खरीद में देरी से बड़े घोटाले की आशंका? किसान यूनियन ने ‘भावांतर भरपाई योजना’ के तहत मांगा मुआवजा

हरियाणा कृषि की खबरों , ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment