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हरियाणा के किसानों की मौज: हरी खाद उगाओ और खाते में पाओ ₹10,000, जानें नई स्कीम

On: अप्रैल 5, 2026 5:11 अपराह्न
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अंबाला, 05 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा सरकार ने अंबाला जिले के किसानों को खेती की लागत घटाने और खेतों की गिरती उर्वरता को बचाने के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। कृषि विभाग ने अंबाला में ढेंचा, मूंग, उड़द, सोयाबीन और लोबिया जैसी हरी खाद वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी योजना लागू की है। इस पहल के तहत किसानों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या सिर्फ बीज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने सीधे किसानों के खातों में 1000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से नकद प्रोत्साहन राशि भेजने का फैसला किया है, जिससे जिले के हजारों किसानों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा।

यूरिया की टेंशन होगी खत्म और सुधरेगी मिट्टी की सेहत

अंबाला और आसपास के इलाकों में पिछले कई दशकों से गेहूं-धान के चक्र और रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से जमीन बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ढेंचा और अन्य दलहनी फसलें मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं। इससे न केवल अगली फसल में यूरिया और डीएपी जैसे महंगे उर्वरकों की जरूरत कम पड़ती है, बल्कि मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बेहतर होती है। यह योजना अंबाला के उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जहां लगातार खेती से जमीन की उत्पादकता कम हो रही है।

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बीज के झंझट से मुक्ति और पारदर्शी भुगतान प्रणाली

पहले सरकार किसानों को इन फसलों के बीज उपलब्ध करवाती थी, जिसमें अक्सर देरी या गुणवत्ता की शिकायतें रहती थीं। अब व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए सरकार ने सीधे नकद सहायता देने का रास्ता चुना है। इससे किसान अपनी पसंद और स्थानीय बाजार की उपलब्धता के अनुसार उत्तम किस्म के बीज खरीद सकेंगे। अंबाला के किसान अब अपनी सुविधा के अनुसार ढेंचा या मूंग की बिजाई कर सकते हैं और अधिकतम 10 एकड़ तक की भूमि पर कुल 10,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

पोर्टल पर पंजीकरण और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बनाया गया है। किसानों को सबसे पहले ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपनी फसल का विवरण दर्ज करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर जाकर फसल का भौतिक सत्यापन (Verification) करेगी। सत्यापन की रिपोर्ट अपलोड होते ही सब्सिडी की राशि सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दी जाएगी। सरकार का यह कदम फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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