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DAP-यूरिया पर बड़ी राहत: कैबिनेट ने मंजूर की भारी सब्सिडी, नहीं बढ़ेंगे खाद के दाम

On: अप्रैल 9, 2026 4:49 अपराह्न
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DAP-यूरिया पर बड़ी राहत: कैबिनेट ने मंजूर की भारी सब्सिडी, नहीं बढ़ेंगे खाद के दाम
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नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के अन्नदाताओं के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के दौरान खाद की कीमतों को स्थिर रखने के लिए 41,534 करोड़ रुपये की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस सब्सिडी के जरिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का बोझ भारतीय किसानों के कंधों पर नहीं डाला जाएगा।

डीएपी और यूरिया की सुचारू सप्लाई होगी सुनिश्चित

कैबिनेट ने उर्वरक विभाग के उस प्रस्ताव पर मुहर लगाई है जिसमें डीएपी (DAP) और एनपीकेएस (NPKS) जैसे मुख्य ग्रेड के खाद पर सब्सिडी की दरें तय की गई हैं। केंद्र सरकार फिलहाल उर्वरक निर्माताओं और आयातकों के जरिए किसानों को 28 अलग-अलग किस्म के पीएंडके उर्वरक रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही है। सब्सिडी की राशि सीधे खाद कंपनियों को जारी की जाएगी ताकि वे बिजाई के समय किसानों को बाजार भाव से कम कीमत पर खाद बेच सकें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और खेती की लागत में कमी आएगी।

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अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहेंगे भारतीय किसान

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि खाद की वैश्विक कीमतों में हालिया बदलावों को देखते हुए सब्सिडी दरों को तर्कसंगत बनाया गया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यूरिया, डीएपी, म्यूरिएट ऑफ पोटाश और सल्फर की उपलब्धता को हर गांव तक सुचारू बनाए रखना है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस कदम से न केवल खरीफ फसलों की बिजाई आसान होगी, बल्कि पैदावार बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस फैसले से बिजाई के पीक सीजन में खाद की किल्लत की आशंका भी खत्म हो गई है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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