Meri Fasal Mera Byora: Crop insurance scheme started for the farmers of Haryana: मेरी फसल मेरा ब्योरा (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल ने हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी लाई है। खरीफ-2025 सीजन के लिए इस पोर्टल पर फसल बीमा योजना (crop insurance scheme) के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं।
यह योजना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसल बीमा, और सब्सिडी पर कृषि उपकरण (agricultural equipment) प्राप्त करने में मदद करेगी। कृषि विभाग ने किसानों से 23 जुलाई 2025 तक बीमा के लिए सहमति पत्र जमा करने को कहा है। यह पहल किसानों की मेहनत को सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। आइए जानते हैं इस योजना की खास बातें।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी Meri Fasal Mera Byora
हरियाणा के कृषि विभाग ने साफ किया है कि खरीफ फसलों की बिजाई या रोपाई का ब्योरा मेरी फसल मेरा ब्योरा (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है।
कृषि उपनिदेशक करम चंद के अनुसार, MSP पर फसल बेचने, सब्सिडी पर उपकरण खरीदने, या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है। किसान इस पोर्टल के जरिए अपनी फसलों का विवरण दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया आसान और ऑनलाइन है, जिससे किसानों को समय और मेहनत की बचत होगी। पोर्टल का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।
फसल बीमा और मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (crop insurance scheme) के तहत किसान अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। पट्टेदार किसान बुवाई सर्टिफिकेट के साथ नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (NCIP) पर आवेदन कर सकते हैं। अगर खेत में फसल को नुकसान (crop damage) होता है, तो मुआवजा मिलेगा।
इसके अलावा, जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लोन नहीं लिया, वे भी जमाबंदी और किला नंबर के साथ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। 23 जुलाई तक बीमा के लिए सहमति या असहमति पत्र देना होगा।
महत्वपूर्ण तारीखें और प्रक्रिया
हरियाणा के 22 जिलों को तीन क्लस्टर में बांटा गया है। मेरी फसल मेरा ब्योरा (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर 23 जुलाई 2025 तक बीमा की जानकारी देनी होगी। फसल बदलने का ब्योरा 29 जुलाई तक बैंकों में जमा करना होगा। बैंक 31 जुलाई तक बीमा राशि काट लेंगे।
किसानों से अपील है कि वे समय पर आवेदन करें ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके। यह योजना हरियाणा के किसानों को आर्थिक स्थिरता और फसल सुरक्षा (crop protection) प्रदान करने में महत्वपूर्ण है।













