MP farmer subsidy: Farmers in Madhya Pradesh are in for a treat! Up to 50% subsidy on mini dal mill, power weeder, apply soon: भोपाल | मध्य प्रदेश के किसानों के लिए शानदार खबर! राज्य सरकार ने मिनी दाल मिल, पावर वीडर समेत पांच कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी की घोषणा की है। ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत आवेदन 18 अगस्त 2025 से शुरू हो चुके हैं, और मिनी दाल मिल के लिए आखिरी तारीख 27 अगस्त 2025 है।
चयन लॉटरी के जरिए होगा, और आवेदन के लिए डिमांड ड्राफ्ट जरूरी है। यह योजना किसानों को आधुनिक बनाकर उनकी कमाई बढ़ाने का सुनहरा मौका दे रही है। आइए जानते हैं इस योजना की पूरी डिटेल्स।
ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना का मकसद MP farmer subsidy
मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना का लक्ष्य है किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से खेती में नई ऊंचाइयां देना। ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के जरिए किसानों को तकनीकी सहायता और सब्सिडी दी जा रही है, ताकि उनकी मेहनत कम हो और फसल की पैदावार बढ़े।
यह योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान है, जो महंगे यंत्र खरीदने में असमर्थ हैं। इससे समय और श्रम की बचत होगी, साथ ही फसल की क्वालिटी और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
किन यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना में पांच खास यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है:
स्वचालित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर (बूम टाइप): फसलों में कीटनाशक और उर्वरक छिड़कने के लिए बेस्ट।
पावर वीडर: खेतों से खरपतवार हटाने का आसान और तेज तरीका।
क्लीनर-कम-ग्रेडर: अनाज की सफाई और ग्रेडिंग के लिए, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिले।
फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर: उर्वरक को बराबर बांटने में मदद करता है, जिससे पैदावार बढ़ती है।
मिनी दाल मिल: दाल प्रसंस्करण के लिए घरेलू स्तर पर उपयोगी, जिससे अतिरिक्त कमाई हो सकती है।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ अपने बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना जरूरी है। बिना DD के आवेदन मान्य नहीं होगा। चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए होगा, और इसकी जानकारी अलग से दी जाएगी। आवेदन करते समय आधार नंबर और भूमि रिकॉर्ड की सही जानकारी देनी होगी। एक किसान केवल एक यंत्र के लिए ही आवेदन कर सकता है।
महत्वपूर्ण बातें
यह योजना पारदर्शी तरीके से लागू की जा रही है। सभी चयन लॉटरी के जरिए होंगे, ताकि किसी तरह की पक्षपात की शिकायत न आए। किसानों को सलाह है कि वे अपने जिले के सहायक कृषि यंत्री से संपर्क करें और पोर्टल पर दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें। यह योजना न केवल खेती को आसान बनाएगी, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।













