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Miyazaki Mango: ₹3 लाख प्रति किलो वाला मियाजाकी आम अब भारत के बगीचों में, जानें घर पर उगाने का पूरा तरीका

On: मई 19, 2026 1:56 अपराह्न
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Miyazaki Mango: ₹3 लाख प्रति किलो वाला मियाजाकी आम अब भारत के बगीचों में, जानें घर पर उगाने का पूरा तरीका
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करनाल, 19 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार जापान की ‘मियाजाकी’ (Miyazaki Mango) किस्म ने भारतीय कृषि जगत में हलचल मचा दी है। करीब 2.5 से 3 लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाले इस दुर्लभ आम को अब भारतीय किसान बिना किसी हाई-टेक लैब के, शुद्ध देसी और जैविक तरीकों से उगाने में सफल हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ढाई से तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकने वाले इस आम ने भारतीय किसानों की किस्मत बदलने के नए रास्ते खोल दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआत में जिस किसान ने इसके पौधे लगाए थे, उसे इस आम की वैश्विक पहचान और इसकी आसमान छूती कीमत का अंदाजा तक नहीं था। आज अपनी मेहनत और लगन के दम पर भारतीय किसानों ने इस जापानी फल को भारत की मिट्टी में कामयाबी से उगाकर इतिहास रच दिया है।

गोबर, खाद और दही के मिश्रण से मिला जीवन

विशेषज्ञों का मानना है कि मियाजाकी आम (Miyazaki Mango) को उगाने के लिए किसी बेहद जटिल या महंगी विदेशी तकनीक की जरूरत नहीं है। इसे सामान्य आम के पौधे की तरह ही बड़े ग्रो बैग या खुले खेतों में पर्याप्त जगह देकर लगाया जा सकता है। इस पौधे की असली ताकत इसकी जड़ों में होती है, जिसके विकास के लिए एक खास तरह की मिट्टी तैयार की जाती है। भारतीय किसानों ने 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी में 50 प्रतिशत जैविक मिश्रण मिलाया, जिसमें गाय का गोबर, भेड़ की खाद, घर का बना दही और सब्जियों का कचरा (किचन वेस्ट) शामिल था। यह पारंपरिक भारतीय नुस्खा पौधे को भरपूर प्राकृतिक पोषक तत्व देता है।

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शुरुआती देखभाल और केमिकल से तौबा

Miyazaki Mango के पौधे को शुरुआती दौर में सबसे ज्यादा ध्यान और देखरेख की जरूरत होती है। यह किस्म मूल रूप से गर्म वातावरण को पसंद करती है, इसलिए इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां रोजाना भरपूर और सीधी धूप मिले। सिंचाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है कि गमले या क्यारी में पानी जमा न हो, क्योंकि जलभराव से इसकी संवेदनशील जड़ें तुरंत सड़ने लगती हैं। इसके अलावा, फल की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसी भी रासायनिक दवा या कीटनाशक का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। कीड़ों को दूर रखने के लिए केवल प्राकृतिक नीम के तेल का ही इस्तेमाल किया जाता है।

हर महीने खास पोषण और धैर्य का इम्तिहान

इस बेशकीमती आम Miyazaki Mango की बागवानी में सबसे बड़ा मंत्र धैर्य है। पेड़ को पूरी तरह तैयार होकर फल देने में कुछ साल का वक्त लग सकता है। पौधे की निरंतर वृद्धि के लिए हर 30 दिन में इसे विशेष जैविक खाद का पोषण देना जरूरी होता है। नियमित अंतराल पर मिलने वाली इस खुराक से पेड़ का तना मजबूत होता है और आने वाले फलों की गुणवत्ता भी बेहतरीन बनी रहती है। यही वजह है कि इस दुर्लभ और आलीशान जापानी आम की खेती की तरफ अब भारत के आम बागवानों और प्रगतिशील किसानों का आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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