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हरियाणा में जैविक खेती करने वाले किसानों की चांदी, सरकार देगी ₹10,000 प्रति एकड़ अनुदान

On: मई 18, 2026 7:47 अपराह्न
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हरियाणा में जैविक खेती करने वाले किसानों की चांदी, सरकार देगी ₹10,000 प्रति एकड़ अनुदान
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चंडीगढ़, 18 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर जैविक खेती की ओर मोड़ने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने घोषणा की है कि प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से अगले 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान दिया जाएगा।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने सूबे के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और खेती की बढ़ती लागत को कम करने के लिए एक दूरगामी नीति का एलान किया है। चंडीगढ़ में विभागीय समीक्षा के बाद कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज हरियाणा का किसान धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों का मोह छोड़कर तेजी से बागवानी और ऑर्गेनिक फार्मिंग की तरफ कदम बढ़ा रहा है। सरकार का मुख्य विजन खेतों में अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहे रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) के जानलेवा प्रभाव को रोकना और गिरती जा रही भूमि की उपजाऊ क्षमता को फिर से जीवित करना है।

एपीडा से करवाना होगा रजिस्ट्रेशन

कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई इस नई योजना के तहत प्राकृतिक या जैविक विधि से खेती करने वाले किसानों को सरकार द्वारा अगले 5 सालों तक प्रति एकड़ ₹10,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। हालांकि, इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक बेहद जरूरी शर्त रखी है। किसानों को अपनी फसल और उपज का प्रमाणन एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) से करवाना अनिवार्य होगा। इस सर्टिफिकेशन से फसलों की शुद्धता और गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानक मिलेंगे, जिससे नकली और रासायनिक उत्पादों के खेल पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।

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वैश्विक बाजारों में धाक जमाएंगे हरियाणा के किसान

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बदलते बाजार के रुख पर बात करते हुए कहा कि आज के दौर में लोग अपनी सेहत को लेकर अत्यधिक गंभीर और जागरूक हो चुके हैं। यही कारण है कि आज देश और दुनिया के बाजारों में बिना किसी केमिकल और कीटनाशक के तैयार होने वाले शुद्ध प्राकृतिक और जैविक खाद्य पदार्थों की मांग दिन-प्रतिदिन आसमान छू रही है। एपीडा का सर्टिफिकेट मिलते ही हरियाणा के किसानों के लिए न केवल स्थानीय मंडियां बल्कि वैश्विक स्तर के बड़े एक्सपोर्ट मार्केट के दरवाजे भी सीधे खुल जाएंगे, जहां वे अपनी फसलों को बेहद प्रीमियम और शानदार दामों पर बेचकर अपनी आमदनी को सीधे दोगुना कर सकेंगे।

जहर मुक्त खेती से सुधरेगी मिट्टी की सेहत

योजना के दूरगामी फायदों का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि लगातार रसायनों के छिड़काव से मिट्टी की प्राकृतिक गुणवत्ता और जैविक कार्बन का स्तर लगातार गिर रहा है। प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर लागू करने से रासायनिक खादों का दुष्प्रभाव घटेगा, जिससे हमारी धरती मां की सेहत सुधरेगी। इसका सबसे बड़ा और सीधा मानवीय प्रभाव यह होगा कि आम उपभोक्ताओं को कैंसर और अन्य घातक बीमारियों से बचाने के लिए पूरी तरह से शुद्ध, पौष्टिक और जहर मुक्त खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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