चंडीगढ़, 20 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Fathers Day kab hai: मदर्स डे की तरह ही अब फादर्स डे को लेकर भी भारत के युवाओं और बच्चों में भारी क्रेज देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट, स्कूलों में होने वाली एक्टिविटीज और गिफ्ट्स के इस दौर में हर साल लोगों के मन में एक सवाल जरूर कौंधता है कि आखिर फादर्स डे मई में आता है या जून में? दरअसल, हर साल बदलती तारीखों के कारण लोग अक्सर असमंजस में पड़ जाते हैं। साल 2026 में फादर्स डे 21 जून को रविवार के दिन मनाया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत देश भर के लोग इस दिन अपने पिता को खास सरप्राइज देने की तैयारियां अभी से करने लगे हैं।
जून के तीसरे रविवार का नियम, मदर्स डे से न हों कन्फ्यूज
अक्सर लोग फादर्स डे (Fathers Day) को मई महीने से इसलिए जोड़ देते हैं क्योंकि मई में मदर्स डे मनाया जाता है। इन दोनों दिनों को याद रखने का गणित बेहद सीधा है। जहां मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में मां के प्रति कृतज्ञता जताई जाती है, वहीं जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे के तौर पर पिता के सम्मान में सेलिब्रेट किया जाता है। इसी नियम के चलते इस बार 21 जून 2026 को यह खूबसूरत मौका आ रहा है, जब बच्चे अपने पापा के प्रति अपने प्यार और सम्मान का इजहार कर सकेंगे।
Fathers Day पिता को सलाम करने का दिन
फादर्स डे कोई महज औपचारिक कैलेंडर का दिन नहीं है, बल्कि यह उस पिता के कड़े संघर्ष, अथक मेहनत और निस्वार्थ प्यार को सलाम करने का जरिया है जो अमूमन अपनी भावनाएं जाहिर नहीं कर पाता। पिता को किसी भी परिवार की मजबूत रीढ़ माना जाता है, जो खुद तकलीफें सहकर भी बच्चों की हर छोटी-बड़ी जरूरत और सुरक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ा रहता है। महानगरीय और शहरी संस्कृति में अब यह दिन एक बड़े फैमिली सेलिब्रेशन का रूप ले चुका है, जहां लोग इस बहाने अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर पिता के साथ वक्त बिताते हैं।
सोनोरा स्मार्ट डोड ने रखी थी नींव
Fathers Day के इतिहास की बात करें तो इसकी आधिकारिक शुरुआत अमेरिका से हुई थी। इतिहास के पन्नों के मुताबिक, सोनोरा स्मार्ट डोड नाम की एक अमेरिकी महिला ने सबसे पहले अपने पिता के सम्मान में इस दिन को मनाने की मुहिम शुरू की थी। उनके पिता ने अकेले ही अपनी पत्नी के बिना सभी बच्चों की परवरिश बहुत लाड-प्यार और अनुशासन से की थी। सोनोरा के इस प्रयास को बाद में वैश्विक स्तर पर सराहा गया और अमेरिकी सरकार ने जून के तीसरे रविवार को आधिकारिक तौर पर फादर्स डे घोषित कर दिया, जिसे आज भारत समेत पूरी दुनिया अपना चुकी है।
कार्ड मेकिंग से लेकर सरप्राइज डिनर तक, भारत में बढ़ा ट्रेंड
पिछले कुछ सालों में भारतीय समाज और खासकर कॉर्पोरेट व छात्र वर्ग में फादर्स डे (Fathers Day) मनाने का चलन बहुत तेजी से बदला है। स्कूलों में बच्चों से ग्रीटिंग कार्ड बनवाने की प्रतियोगिताएं होती हैं, तो वहीं कामकाजी युवा अपने पिता के लिए स्पेशल नोट लिखते हैं और महंगे सरप्राइज गिफ्ट प्लान करते हैं। कई घरों में इस दिन पिता की पसंद का विशेष खाना बनाया जाता है या उन्हें बाहर डिनर पर ले जाया जाता है। हालांकि, भारतीय परिवेश में आज भी कई बच्चों के लिए सिर्फ अपने पिता के पास बैठकर दिल की बातें साझा करना ही इस दिन का सबसे अनमोल उपहार माना जाता है।
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