चंडीगढ़, 20 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में तैनात हजारों अनुबंध कर्मचारियों (कांट्रैक्ट कर्मियों) के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों से जुड़े सेवा मामलों, पात्रता विवादों और अन्य शिकायतों के त्वरित व प्रभावी समाधान के लिए एक ‘समन्वय शिकायत निवारण समिति’ (Coordination Grievance Redressal Committee) का गठन किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासनिक स्तर पर ही सुलझाना और अनावश्यक अदालती मुकदमों को कम करना है।
इन गंभीर मामलों पर सीधे फैसला लेगी समिति
यह नवनिर्वाचित समिति अनुबंध कर्मचारियों की रोजगार सुरक्षा कानून, कांट्रैक्ट नियुक्तियों, पात्रता से जुड़े विवादों, सेवा सत्यापन (सर्विस वेरिफिकेशन) और एचकेआरएन से संबंधित अन्य सभी जटिल मामलों की गहन समीक्षा करेगी। इस उच्च स्तरीय समिति की कमान एचकेआरएन के महाप्रबंधक (General Manager) को सौंपी गई है, जिन्हें समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, मानव संसाधन विभाग के अधीक्षक, वित्त विभाग के अधीक्षक, क्रिड (CRID) विभाग के आईटी हेड और हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक या उनके प्रतिनिधि को इस समिति में बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
सप्ताह में दो बार होगी बैठक
समिति को सुचारू रूप से चलाने और कानूनी रूप से मजबूत फैसले लेने के लिए एचकेआरएन द्वारा एक सहायक जिला अटॉर्नी (ADA), दो कानूनी सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था के लिए एचकेआरएन ही नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। सरकार द्वारा जारी सख्त निर्देशों के अनुसार, शुरुआती चरण में इस समिति की सप्ताह में कम से कम दो बार बैठक होना अनिवार्य है। यह बैठकें परिस्थितियों के अनुसार भौतिक रूप से या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए आयोजित की जा सकेंगी, ताकि किसी भी शिकायत को लंबे समय तक लंबित न रखा जाए।
पहले पोर्टल पर जाना होगा अनिवार्य
सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी अनुबंध कर्मचारी को सीधे कोर्ट जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी कांट्रैक्ट कर्मचारियों को सबसे पहले अपनी शिकायत एचकेआरएन के ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज करानी होगी। पोर्टल स्तर पर जो मामले नहीं सुझलेंगे, केवल उन्हें ही इस समन्वय शिकायत निवारण समिति के सामने पेश किया जाएगा। समिति के सामने आने के बाद सामान्यतः 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान कर दिया जाएगा, जिसे विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 10 दिन और बढ़ाया जा सकता है। सरकार के इस कदम से चंडीगढ़ से लेकर हरियाणा के तमाम जिलों में तैनात कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
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