चंडीगढ़, 20 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Haryana school summer vacation 2026: नायब सरकार ने भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश में 6 दिन पहले ही ग्रीष्मकालीन छुटि्टयों का ऐलान कर दिया है। इस बार गर्मियों की छुटि्टयां 30 दिन नहीं, बल्कि 37 रहेंगी। 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के सुझावों को स्वीकार करते हुए हरियाणा के सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्रमदान को अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे तथा शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों की शुरुआत की। वर्ष 2026-27 के बजट घोषणा के अनुरूप पहले चरण में चिन्हित 250 विद्यालयों का शुभारंभ किया गया। इन विद्यालयों को प्रधानमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और आदर्श विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा ।
ये विद्यालय हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे तथा इनमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालयों में आधुनिक संसाधन, बेहतर आधारभूत ढांचा, प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का चयन स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
आधारभूत संरचना और सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवनों और आधारभूत संरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण शाखा को एकीकृत किया जाए तथा स्कूल भवनों का डिजाइन एकरूपता और गुणवत्ता के आधार पर तैयार किया जाए, जिससे अव्यवस्थित संरचनाओं से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालय भवनों को जर्जर अथवा अनुपयोगी घोषित किया गया है, वहां नए भवनों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बागवानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने खराब एवं अनुपयोगी शौचालयों की शीघ्र मरम्मत तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विद्यालयों की चारदीवारी की मरम्मत को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए कहा तथा स्पष्ट किया कि संबंधित कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण विद्यालय प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्य द्वारा किया जाए तथा संतोषजनक रिपोर्ट के बाद ही भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में प्राथमिक विद्यालय की आवश्यकता है, वहां मांग के अनुसार नए विद्यालय स्थापित किए जाएं। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की आवश्यकता को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
स्मार्ट कक्षाएं, जवाबदेही और शिक्षकों की व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए तथा जहां तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वे संचालित नहीं हो रही हैं, वहां तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने विद्यालयों में सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाओं को पूर्ण रूप से कार्यशील दर्शाते हुए गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति भिन्न पाई गई, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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