चंडीगढ़, 17 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। मई के महीने में जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने लगता है, तो साधारण कूलर भी हांफने लगते हैं। ऐसे में इंटरनेट पर इन दिनों कूलर को एसी बनाने का एक शॉर्टकट खूब शेयर किया जा रहा है। इस वायरल ट्रिक में दावा किया जा रहा है कि कूलर के पानी के टैंक में बर्फ के टुकड़ों के साथ यदि थोड़ा सा साधारण नमक मिला दिया जाए, तो गजब की ठंडक मिलती है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो नमक मिलने के कारण बर्फ का मेल्टिंग पॉइंट (पिघलने की गति) धीमा हो जाता है। इससे पानी काफी देर तक एकदम चिल्ड रहता है और जब पंप इस पानी को हनीकॉम्ब या घास के पैड्स तक भेजता है, तो आने वाली हवा का तापमान गिर जाता है।
फिटकरी से दूर होगी पानी की बदबू
सस्ते में एसी जैसी हवा पाने के इस जुगाड़ के साथ ही लोग कूलर में फिटकरी का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। अक्सर देखा जाता है कि कूलर के टैंक में दो-तीन दिन पानी जमा रहने से उसमें से अजीब सी महक आने लगती है और मच्छर पनपने का डर रहता है। जानकारों का कहना है कि पानी में थोड़ी सी फिटकरी डाल देने से पानी के बैक्टीरिया मर जाते हैं, गंदगी नीचे बैठ जाती है और बदबू की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है। हालांकि, यह सब करने के बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कोई परमानेंट इलाज नहीं है, बल्कि कुछ घंटों की फौरी राहत मात्र है।
खिड़की के पास रखें कूलर
ज्यादातर लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि कूलर को कमरे के भीतर एकदम बंद कोने में चला देते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कूलर कभी भी बंद कमरे में सही काम नहीं कर सकता क्योंकि यह बाहरी हवा को खींचकर और पानी को इवेपोरेट (वाष्पीकरण) करके ठंडक पैदा करता है। अगर कमरे में क्रॉस वेंटिलेशन नहीं होगा, तो कमरे की हवा में नमी (उमस) इतनी बढ़ जाएगी कि आपको चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए कूलर को हमेशा ऐसी खिड़की या खुले हिस्से पर सेट करें जहां से वह बाहर की ताजी और सूखी हवा को अंदर फेंक सके।
इनडोर यूनिट खोलकर खुद चेक करें कूलिंग कॉइल, ऐसे लगाएं एसी गैस खत्म होने का सटीक पता
उमस वाले मौसम में फेल हो जाते हैं सारे जुगाड़
हवा को कुछ देर के लिए ठंडा करने में यह नमक-बर्फ वाली ट्रिक भले ही काम आ जाए, लेकिन यह एयर कंडीशनर की तरह कमरे को लगातार एक फिक्स तापमान पर ठंडा नहीं रख सकती। इसके अलावा, जब मानसून के आसपास के दिनों में मौसम में प्राकृतिक रूप से उमस बढ़ जाती है, तब कूलर के सारे देसी हैक पूरी तरह फेल हो जाते हैं। उस स्थिति में केवल एसी ही एकमात्र विकल्प बचता है, क्योंकि एसी हवा से नमी को सोखने का काम करता है जबकि कूलर हवा में नमी को और बढ़ाता है।
रेगुलर सफाई और पैड्स को बदलना भी जरूरी
कूलर से बेहतर परफॉर्मेंस चाहिए तो केवल टोटकों पर भरोसा करने के बजाय उसकी बेसिक मेंटेनेंस पर ध्यान देना होगा। कूलर के पानी को हर रोज बदलना चाहिए ताकि वह फ्रेश रहे। इसके साथ ही सीजन की शुरुआत में हनीकॉम्ब पैड्स या घास को अच्छी तरह साफ कर लें या जरूरत पड़ने पर बदल दें। टैंक में जमा होने वाले स्केल और नमक की परत को साफ करते रहने से कूलर की मोटर और पंप की लाइफ भी लंबी होती है और हवा का फ्लो भी शानदार बना रहता है।
ब्रेकिंग न्यूज़ औरTrending News अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।












