चंडीगढ़, 20 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। Shram Mitra App Haryana: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों असंगठित और दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक युगांतकारी कदम उठाया है। सूबे के श्रम मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राज्य के श्रमिकों और श्रम-नियोक्ताओं को जोड़ने वाले अनूठे डिजिटल प्लेटफॉर्म “श्रममित्र” ऐप (Shram Mitra App) का विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐप को हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह ऐप रोजगार के बाजार में बिचौलियों के राज को पूरी तरह खत्म कर कामगारों और मालिकों के बीच सीधा, पारदर्शी और त्वरित संपर्क स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
अब मोबाइल बनेगा इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज
श्रम मंत्री अनिल विज ने Shram Mitra App की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब हमारे प्रदेश के गरीब श्रमिकों को काम की तलाश में सुबह-सुबह घंटों लेबर चौक पर जाकर खड़ा नहीं होना पड़ेगा। यह ऐप एक ‘इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज’ की तरह काम करेगा, जिससे कामगार अपने घर पर बैठकर ही अपने मोबाइल फोन के जरिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी देख सकेंगे। हरियाणा में वर्तमान में लगभग 135 लेबर चौक संचालित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे इस ऐप का चलन बढ़ेगा, ये पारंपरिक लेबर चौक व्यवस्था स्वतः ही समाप्त हो जाएगी और हर श्रमिक को सम्मान के साथ काम मिलेगा।
राजमिस्त्री से लेकर मोची तक सबको मिलेगी डिजिटल पहचान
इस अत्याधुनिक ऐप (Shram Mitra App) में राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, माली, पेंटर और वेल्डर सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कुशल व अकुशल श्रमिक अपनी कार्य-कुशलता, अनुभव और विशेषता के आधार पर निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा नाई, मोची तथा अन्य छोटे-मोटे स्वरोजगार से जुड़े लोग भी इस मंच का हिस्सा बन सकेंगे। दूसरी तरफ, जिन मकान मालिकों, ठेकेदारों या नियोक्ताओं को किसी भी काम के लिए मजदूरों की आवश्यकता होगी, वे अपनी जरूरत के अनुसार काम का पूरा विवरण ऐप पर डालेंगे। इसके बाद दोनों पक्ष ऐप के माध्यम से ही आपस में सीधा संवाद कर मजदूरी की राशि, काम के दिन और अन्य जरूरी शर्तें तय कर सकेंगे।
विभाग खुद फोन में इंस्टॉल कराएगा ऐप
श्रममित्र ऐप (Shram Mitra App) की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसकी जियो-मैपिंग प्रणाली है। इसके जरिए श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक-दूसरे से दूरी, वास्तविक लोकेशन और आने-जाने में लगने वाले समय का लाइव अपडेट मिलता रहेगा। इससे दोनों पक्षों के समय और पैसे की बड़ी बचत होगी। श्रम मंत्री ने बताया कि वर्तमान में पंजीकृत 75 हजार श्रमिकों का डाटा ऐप पर डाल दिया गया है। आम मजदूरों को तकनीक समझने में दिक्कत न हो, इसके लिए श्रम विभाग के कर्मचारी खुद सभी 135 लेबर चौकों पर जाकर कामगारों के मोबाइल में इस Shram Mitra App को डाउनलोड और इंस्टॉल करवाने में मदद करेंगे। सरकार को भी इस ऐप से श्रम की मांग और आपूर्ति के वास्तविक आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीतियां बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
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