Potato Farming Benefits varieties: लखीमपुर खीरी | आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए शानदार खबर! उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का उद्यान विभाग किसानों को कुफरी चिप्सोना, कुफरी बहार और कुफरी ख्याति जैसे बेहतरीन आलू के बीज सस्ते दामों पर दे रहा है। साथ ही, सरकार ने दीपावली से पहले किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए आलू के बीज पर ₹800 प्रति क्विंटल की छूट का ऐलान किया है।
इससे किसान कम लागत में ज्यादा पैदावार और मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। आइए जानते हैं आलू की इन खास वैरायटी और छूट की पूरी जानकारी।
आलू की खेती का महत्व Potato Farming Benefits
उत्तर प्रदेश में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, क्योंकि इसकी मांग बाजार में सालभर रहती है। भारतीय थाली में आलू की खास जगह है, जिसके चलते किसान इस फसल को बड़े स्तर पर उगाते हैं। अब सरकार की नई योजना से किसानों को सस्ते बीज और ज्यादा उत्पादन का मौका मिलेगा। यह छूट किसानों की लागत कम करेगी और उनकी आय बढ़ाएगी।
कुफरी चिप्सोना: ज्यादा पैदावार, मोटा मुनाफा
कुफरी चिप्सोना वैरायटी की बुवाई अक्टूबर में की जाती है, जो इसके लिए सबसे सही समय है। यह फसल 110 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 200 से 300 क्विंटल तक उपज देती है। खासकर तराई इलाकों में इसकी खेती बहुत होती है, और किसान इससे अच्छी कमाई करते हैं।
कुफरी बहार: जल्दी तैयार, ज्यादा फायदा
कुफरी बहार किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। इसकी बुवाई मध्य सितंबर से अक्टूबर के पहले हफ्ते तक की जाती है। यह फसल 90 से 110 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति एकड़ 100 से 120 क्विंटल तक उपज देती है। इसकी खासियत है कि यह जल्दी पककर बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को जल्दी मुनाफा मिलता है।
कुफरी ख्याति: तेजी से पकने वाली वैरायटी
कुफरी ख्याति जल्दी पकने वाली वैरायटी है, जो 70 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है। यह प्रति हेक्टेयर 200 से 300 क्विंटल तक उत्पादन दे सकती है। बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है, जिससे किसानों को मोटा मुनाफा मिलता है।
आलू के बीज पर बंपर छूट
वर्तमान में उद्यान विभाग के आलू बीज की कीमत ₹2,760 से ₹3,715 प्रति क्विंटल है, जबकि निजी कंपनियों के बीज ₹2,500 से ₹3,500 के बीच हैं। सरकार की नई योजना के तहत सभी विभागीय बीजों पर ₹800 प्रति क्विंटल की छूट मिल रही है। अब किसानों को ये बीज सिर्फ ₹1,960 से ₹2,915 प्रति क्विंटल में मिलेंगे। यह छूट लागत कम करके किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी।













