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Almond Production: भारत का बादाम किंग! जम्मू-कश्मीर ने फिर मारी बाजी, जानें 2023-24

On: अक्टूबर 16, 2025 8:05 पूर्वाह्न
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Almond Production: भारत का बादाम किंग! जम्मू-कश्मीर ने फिर मारी बाजी, जानें 2023-24
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Almond Production India Jammu and Kashmir : एग्रीकल्चर डेस्क, नई दिल्ली | भारत में बादाम की खेती में जम्मू-कश्मीर ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में जम्मू-कश्मीर में 11.21 हजार मीट्रिक टन बादाम का उत्पादन हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का 90.84% है।

हिमाचल प्रदेश ने भी 1.13 हजार मीट्रिक टन उत्पादन के साथ 9.16% हिस्सा लिया। देश में कुल बादाम उत्पादन 12.34 हजार मीट्रिक टन रहा। आइए जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर कैसे बना बादाम का बादशाह और इसकी खेती से क्या फायदे हो रहे हैं।

2023-24 में भारत में बादाम उत्पादन Almond Production

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर ने 2023-24 में 11.21 हजार मीट्रिक टन बादाम का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 90.84% है। वहीं, हिमाचल प्रदेश ने 1.13 हजार मीट्रिक टन के साथ 9.16% हिस्सा लिया। पूरे देश में इस दौरान 12.34 हजार मीट्रिक टन बादाम की पैदावार हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर बादाम उत्पादन में नंबर वन है, और हिमाचल प्रदेश भी इसमें पीछे नहीं है।

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जम्मू-कश्मीर का बादाम उत्पादन में दबदबा

जम्मू-कश्मीर में बादाम की खेती लंबे समय से होती आ रही है, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। अनुकूल जलवायु, आधुनिक कृषि तकनीकों और किसानों की मेहनत ने इसे संभव बनाया है।

बागवानी विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक सिंचाई और खेती की नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी है। इसका नतीजा यह है कि बादाम की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। राज्य सरकार की योजनाएं, जैसे बीज वितरण, प्रशिक्षण शिविर और बाजार तक पहुंच, ने किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

हिमाचल प्रदेश भी नहीं है पीछे

हिमाचल प्रदेश में बादाम उत्पादन जम्मू-कश्मीर जितना बड़ा तो नहीं, लेकिन यहां भी इसकी खेती में प्रगति हो रही है। हिमाचल की ठंडी जलवायु बादाम की खेती के लिए आदर्श है। राज्य सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे वे बादाम की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। यह क्षेत्र धीरे-धीरे बादाम उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।

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बादाम उत्पादन के फायदे

बादाम की खेती न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद है। बादाम पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट है, जिसकी मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमेशा रहती है। भारत में बादाम उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। साथ ही, यह स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

भविष्य की संभावनाएं

सरकार की ओर से नई तकनीकों, बेहतर बीज और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को बाजार से जोड़ने की योजनाएं चल रही हैं।

इन प्रयासों से आने वाले वर्षों में बादाम उत्पादन में और इजाफा होने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र में निवेश और अनुसंधान को बढ़ावा देकर उत्पादन को और स्थिर और प्रभावी बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की मेहनत से बादाम की खेती भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन रही है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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