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Profitable vegetable farming: रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती, हरियाणा के किसानों की मुनाफे की नई राह, 50% सब्सिडी का तोहफा

On: May 3, 2025 8:46 AM
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Profitable vegetable farming: रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती, हरियाणा के किसानों की मुनाफे की नई राह, 50% सब्सिडी का तोहफा
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Profitable vegetable farming , Cultivation of colorful capsicum: New way of profit for farmers of Haryana, gift of 50% subsidy: हरियाणा के किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं, और रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती उनकी कमाई का नया जरिया बन रही है।

हरियाणा सरकार इस खेती को बढ़ावा देने के लिए 50% सब्सिडी दे रही है, जिससे किसानों का खर्च कम हो रहा है और मुनाफा बढ़ रहा है। खासकर शादी के सीजन में इसकी मांग आसमान छूती है, जिससे किसानों को मोटी कमाई का मौका मिलता है। यह कहानी हरियाणा के उन मेहनती किसानों की है, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं।

रंग-बिरंगी शिमला मिर्च: मुनाफे की फसल Profitable vegetable farming

रंग-बिरंगी शिमला मिर्च, जैसे लाल, पीली, नारंगी, बैंगनी और हरी, न केवल सलाद की शोभा बढ़ाती हैं, बल्कि किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो रही हैं। दिल्ली जैसे बड़े बाजारों में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, और शादी के मौसम में कीमतें 250-300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती हैं।

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स्थानीय बाजारों में भी यह 100-120 रुपये प्रति किलो बिकती है, जो हरी शिमला मिर्च से कहीं ज्यादा है। करनाल के उद्यान विभाग के इंडो-इजरायल सब्जी उत्कृष्ट केंद्र में किसान इस खेती की पूरी जानकारी और प्रशिक्षण ले सकते हैं।

पॉली हाउस और सब्सिडी का लाभ

रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती पॉली हाउस या नेट हाउस में की जाती है, जहां से सर्वश्रेष्ठ पैदावार मिलती है। हरियाणा सरकार पौध खरीद पर 50% सब्सिडी दे रही है, जिससे किसानों का शुरुआती खर्च कम हो जाता है।

एक एकड़ में करीब 10,000 पौधे लगाए जा सकते हैं, जिनमें 50% लाल और 50% पीली शिमला मिर्च की सलाह दी जाती है। अगस्त में बीज से तैयार पौधों को पॉली हाउस में ट्रांसप्लांट किया जाता है। एक पौधे से 1.5 से 3 किलो तक शिमला मिर्च मिल सकती है, जो जोड़े में बेचने पर 20-30 रुपये प्रति किलो ज्यादा कीमत दिलाती है।

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कम लागत, ज्यादा सुरक्षा

इस खेती की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें बीमारियों का खतरा कम होता है। कीटों की समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

सरकार की तारबंदी योजना भी किसानों के लिए वरदान है, जो अन्ना मवेशियों से फसल की रक्षा करती है। इससे न केवल मेहनत सुरक्षित रहती है, बल्कि पूंजी का नुकसान भी नहीं होता। कम लागत और उच्च मांग के कारण यह खेती हरियाणा के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है।

हरियाणा के किसानों का भविष्य

रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की खेती हरियाणा के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का एक शानदार तरीका है। सरकार की सब्सिडी और प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से किसान इस खेती को आसानी से अपना सकते हैं। क्या यह फसल हरियाणा के खेतों को समृद्धि की नई राह दिखाएगी? यह सवाल हर किसान के मन में है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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