ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

मिथुन संक्रांति पर बन रहा है दुर्लभ त्रिवेणी योग, सूर्य देव को इस विधि से दें अर्घ्य, चमकेगी किस्मत

On: जून 14, 2026 1:00 अपराह्न
Follow Us:
Mithun Sankranti 2026 कल 15 जून को मनाई जाएगी। जानें सोमवती अमावस्या महासंयोग पर सूर्य गोचर का समय, महा पुण्य काल मुहूर्त और किस्मत चमकाने वाले महाउपाय।
Join WhatsApp Group

हिंदू धर्म में सूर्य देव के राशि परिवर्तन यानी संक्रांति तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, कल 15 जून 2026, सोमवार को सूर्यदेव वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस बार की मिथुन संक्रांति आम वर्षों से बिल्कुल अलग और बेहद खास है। सोमवार का दिन होने से इस दिन सोमवती अमावस्या का योग बन रहा है, साथ ही इसी दिन मलमास की अमावस्या तिथि भी पड़ रही है। ग्रहों के राजा सूर्य देव के इस गोचर और अमावस्या के इस त्रिवेणी महासंयोग के कारण पूजा-पाठ और दान-पुण्य का फल कई हजार गुना बढ़ गया है।

मिथुन संक्रांति 2026 का शुभ मुहूर्त और पुण्य काल कब है?

द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार सूर्य देव कल दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इसके साथ ही मिथुन महीने की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति के बाद का समय स्नान और दान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

संक्रांति का सटीक क्षण: दोपहर 12:59 बजे

सर्वपितृ अमावस्या पर आज बना शनिश्चरी संयोग, जानें श्राद्ध और दीपदान के अचूक नियम | sarva-pitru-amavasya-shani-amavasya-shradh-tarpan-upay
सर्वपितृ अमावस्या पर आज बना शनिश्चरी संयोग, जानें श्राद्ध और दीपदान के अचूक नियम

पुण्य काल का समय: दोपहर 12:59 बजे से शाम 7:20 बजे तक (कुल अवधि: 6 घंटे 21 मिनट)

महा पुण्य काल का समय: दोपहर 12:59 बजे से दोपहर 3:19 बजे तक (कुल अवधि: 2 घंटे 20 मिनट)

धार्मिक दृष्टिकोण से पूरे छह घंटे के पुण्य काल में से शुरुआती 2 घंटे 20 मिनट का महा पुण्य काल सबसे ज्यादा ऊर्जावान और फलदायी रहेगा। इस दौरान की गई साधना सीधे तौर पर शुभ फल प्रदान करती है।

मिथुन संक्रांति का धार्मिक महत्व और आम आदमी पर इसका असर क्या है?

नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, जानें किस दिन कौन-सा फूल चढ़ाना शुभ है | shardiya-navratri-2026-nine-days-maa-durga-favorite-flowers-puja-vidhi
नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, जानें किस दिन कौन-सा फूल चढ़ाना शुभ है

सनातन परंपरा में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता, मान-सम्मान, उत्तम स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सरकारी नौकरी व सफलता का कारक माना गया है। मिथुन संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट हो जाते हैं। जो लोग लंबे समय से बीमारियों से परेशान हैं या जिनके काम में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, उनके लिए यह दिन विशेष मायने रखता है। सूर्य देव की आराधना करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: मिथुन संक्रांति पर सोमवती अमावस्या का महासंयोग, इस विधि से सूर्य देव को दें अर्घ्य, चमकेगी किस्मत

कुंडली दोष दूर करने के लिए मिथुन संक्रांति पर क्या उपाय करें?

भाग्य को मजबूत करने और जीवन की अड़चनों को दूर करने के लिए कल सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ मिलाएं। उगते सूर्य देव को अर्घ्य देते समय ‘ओम घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

संक्रांति के अवसर पर गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन, मौसमी फल या अनाज का दान करना सबसे उत्तम माना गया है। किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को आदरपूर्वक भोजन कराने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत होने लगते हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर को घटस्थापना, कलश में ये चीजें डालते ही शांत होंगे नवग्रह | shardiya-navratri-2026-kalash-sthapana-astrological-benefits-samagri
शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर को घटस्थापना, कलश में ये चीजें डालते ही शांत होंगे नवग्रह

संक्रांति और सोमवती अमावस्या के साथ आने से क्या लाभ होगा?

इस वर्ष सूर्य गोचर के साथ अमावस्या का मिलना एक बड़ा आध्यात्मिक बदलाव लेकर आया है। अमावस्या तिथि पूरी तरह से पितरों को समर्पित होती है, जबकि संक्रांति सूर्य देव की पूजा का पर्व है। कल के दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा के साथ-साथ पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी। इस अनोखे संयोग में किया गया तर्पण और दान परिवार में सुख, समृद्धि लाता है और आने वाली पीढ़ियों के संकट दूर करता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment