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27 अगस्त से शुरू होगा पंचक, 28 अगस्त को है रक्षाबंधन; क्या राखी बांधना शुभ है?

On: अगस्त 24, 2026 9:09 पूर्वाह्न
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27 अगस्त से शुरू होगा पंचक, 28 अगस्त को है रक्षाबंधन; क्या राखी बांधना शुभ है? | raksha-bandhan-2026-panchak-rakhi-rules
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रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। साल 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार त्योहार पंचक काल के बीच पड़ रहा है, क्योंकि पंचक 27 अगस्त से शुरू होकर 1 सितंबर तक रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा समेत उत्तर भारत में रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच पंचक को लेकर भी चर्चा तेज है। लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पंचक में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं और इस दौरान किन कामों से बचना चाहिए।

2026 में पंचक कब से कब तक रहेगा?

साल 2026 में पंचक की शुरुआत 27 अगस्त, गुरुवार को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर होगी। यह पंचक 1 सितंबर, मंगलवार को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा।

इस तरह 28 अगस्त को पड़ने वाला रक्षाबंधन पंचक काल के दौरान ही मनाया जाएगा। यही वजह है कि राखी के शुभ कार्य को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं।

क्या पंचक में भाई को राखी बांध सकते हैं?

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है। पंचक को हर कार्य के लिए पूर्ण रूप से अशुभ नहीं माना जाता और रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर राखी बांधने में इसे बाधक नहीं माना गया है।

यानी 28 अगस्त को बहनें सामान्य रूप से अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व पंचक के कारण समाप्त नहीं होता।

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अग्नि पंचक क्या होता है?

स्रोत में दी गई ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब पंचक की शुरुआत मंगलवार या गुरुवार से होती है तो इसे अग्नि पंचक कहा जाता है। 2026 में पंचक की शुरुआत गुरुवार, 27 अगस्त को हो रही है।

इस अवधि में नया निर्माण कार्य शुरू करने, नई मशीनरी खरीदने और औजारों के इस्तेमाल से बचने की मान्यता है। मान्यता के अनुसार ऐसा करने से दुर्घटना या नुकसान की आशंका हो सकती है, हालांकि कोर्ट-कचहरी के मामलों या विवाद सुलझाने के लिए इस समय को उपयोगी माना गया है।

पंचक में कौन-कौन से काम वर्जित माने जाते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है, इसलिए इस अवधि में उस ओर यात्रा को अशुभ माना गया है।

धनिष्ठा नक्षत्र के समय लकड़ी, घास या ज्वलनशील वस्तुएं इकट्ठा करने से भी बचने की मान्यता है। इसके पीछे अग्नि से जुड़े भय का उल्लेख किया जाता है।

इस अवधि में नया पलंग या चारपाई बनवाना अथवा खरीदना भी वर्जित माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में संकट आने की आशंका रहती है।

पंचक काल में घर की छत या लेंटर डलवाने से भी बचने की धार्मिक मान्यता है। इसे घर में क्लेश और धन हानि से जोड़कर देखा जाता है।

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अंतिम संस्कार को लेकर भी विशेष मान्यताएं हैं। पंचक के दौरान शव का दाह-संस्कार करने से पहले विशेष शांति कर्म और पुतला आदि रखने का विधान बताया गया है।

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पंचक में क्या नहीं खरीदना चाहिए?

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक पंचक के पांच दिनों में लकड़ी, लोहा, चारपाई और नए कपड़े खरीदने से बचने की बात कही गई है। इन वस्तुओं की खरीद को अशुभ फल और आर्थिक नुकसान से जोड़कर देखा जाता है।

हालांकि यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित विषय है। रोजमर्रा के जरूरी कामों और खरीदारी को लेकर लोगों की अपनी पारिवारिक एवं धार्मिक परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं।

क्या पंचक में विवाह और गृह प्रवेश कर सकते हैं?

धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचक के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे बड़े मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए ऐसे आयोजनों की तारीख तय करते समय पंचक काल को भी देखा जाता है।

हालांकि पंचक को पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाता। सामान्य कामकाज, पूजा-पाठ और कुछ परिस्थितियों में व्यापारिक सौदे किए जा सकते हैं।

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पंचक को अशुभ क्यों माना जाता है?

ज्योतिष शास्त्र में धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों के संयोग को पंचक कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहता है।

धार्मिक मान्यता है कि पंचक के पांच दिनों में किए गए कुछ कार्यों का बुरा फल पांच गुना बढ़ सकता है या उन कार्यों की पुनरावृत्ति हो सकती है। इसी वजह से निर्माण, ज्वलनशील वस्तुओं और कुछ मांगलिक कार्यों को लेकर विशेष सावधानी की परंपरा चली आ रही है।

28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने वाले परिवारों के लिए सबसे राहत वाली बात यह है कि पंचक के बावजूद राखी बांधने पर रोक नहीं मानी जाती। इसलिए भाई-बहन का यह पर्व अपनी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मनाया जा सकता है। #RakshaBandhan2026 #Panchak2026 #Rakhi

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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