सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को सावन पूर्णिमा कहा जाता है। साल 2026 में यह तिथि 28 अगस्त को पड़ रही है। इसी दिन रक्षाबंधन भी मनाया जा रहा है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।
सावन का आखिरी दिन होने के कारण भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में भक्तों की भीड़ रहती है। लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
सावन पूर्णिमा की रात लौंग का उपाय क्यों किया जाता है?
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में लौंग का इस्तेमाल कई तरह के उपायों में किया जाता है। इसे नकारात्मकता और ज्योतिषीय बाधाओं को दूर करने से जोड़कर देखा जाता है।
सावन पूर्णिमा का शुक्रवार को पड़ना भी शुभ माना जा रहा है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए इस दिन धन और आर्थिक समृद्धि से जुड़े उपाय करने की परंपरा भी कई जगहों पर देखने को मिलती है।
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तिजोरी में बरकत के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन पूर्णिमा की रात एक लाल कपड़े में साबुत लौंग, कौड़ियां और सुपारी बांधकर तिजोरी में रख सकते हैं। मान्यता है कि इससे घर की तिजोरी में बरकत बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
यह उपाय पूरी तरह धार्मिक विश्वास पर आधारित है। इसे आर्थिक लाभ की गारंटी नहीं माना जा सकता। धन से जुड़े फैसले हमेशा अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करने चाहिए।
अटका हुआ धन वापस पाने के लिए लौंग का उपाय
अगर किसी व्यक्ति का पैसा कहीं अटका हुआ है और वापस नहीं मिल रहा है, तो ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सावन पूर्णिमा की रात 21 लौंग जलाकर माता लक्ष्मी का ध्यान किया जा सकता है।
मान्यता है कि इस उपाय से अटका हुआ धन वापस मिलने के योग बन सकते हैं। हालांकि, वास्तविक रूप से पैसा वापस पाने के लिए संबंधित व्यक्ति, संस्था या कानूनी प्रक्रिया के जरिए जरूरी कार्रवाई करना भी जरूरी है।
आरती में दो लौंग डालने की क्या मान्यता है?
सावन पूर्णिमा की रात पूजा के समय आरती करते हुए कपूर या दीपक में दो फूल वाली लौंग डालने का उपाय बताया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे काम में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
आरती और पूजा के दौरान आग का इस्तेमाल होता है, इसलिए लौंग या कपूर जलाते समय पर्याप्त सावधानी रखना जरूरी है। बच्चों और ज्वलनशील सामान से इसे दूर रखना चाहिए।
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घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए क्या करें?
सावन पूर्णिमा की रात पांच लौंग, तीन कपूर और तीन बड़ी इलायची जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाने की भी धार्मिक मान्यता है। इसे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और सकारात्मक माहौल बनाने से जोड़ा जाता है।
इस बार सावन पूर्णिमा शुक्रवार को पड़ रही है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यताओं में इस संयोग को विशेष माना जा रहा है। हालांकि, इन उपायों का आधार धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वास हैं, इनके परिणाम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं। #SawanPurnima #RakshaBandhan2026 #JyotishUpay










