भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कार हो या इलेक्ट्रिक स्कूटर, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग EV की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन कई वाहन मालिकों को कुछ समय बाद एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है पूरी तरह चार्ज करने के बावजूद गाड़ी पहले जितनी दूरी तय नहीं कर पाती।
ऐसी स्थिति में हर बार किसी बड़ी तकनीकी खराबी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कई बार रोजाना की चार्जिंग आदतें, ज्यादा गर्मी और बैटरी को जरूरत से ज्यादा खाली या भरा रखना उसके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
EV की बैटरी हर बार 100% तक चार्ज करनी चाहिए या नहीं?
बहुत से लोग इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर को हर बार 100% तक चार्ज करते हैं। रोजमर्रा के सामान्य इस्तेमाल में हर बार फुल चार्ज करना बैटरी की लंबी अवधि की सेहत के लिए जरूरी नहीं माना जाता।
आमतौर पर 20% से 80% के बीच चार्ज रखने की सलाह दी जाती है, जबकि लंबी दूरी की यात्रा से पहले जरूरत के अनुसार 100% तक चार्ज किया जा सकता है। हालांकि, वाहन निर्माता की ओर से दिए गए बैटरी और चार्जिंग निर्देशों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
लंबी ड्राइव के तुरंत बाद चार्जिंग क्यों नहीं करनी चाहिए?
लंबी दूरी चलने के बाद EV की बैटरी गर्म हो सकती है। ऐसी स्थिति में गाड़ी घर पहुंचते ही तुरंत चार्जिंग शुरू करने के बजाय कुछ समय रुकना बेहतर हो सकता है।
गाड़ी को छाया में खड़ा कर बैटरी को सामान्य तापमान पर आने देना उपयोगी माना जाता है। स्रोत के अनुसार करीब 15 से 20 मिनट इंतजार करने के बाद चार्जिंग शुरू करने से अतिरिक्त गर्मी के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
रोज फास्ट चार्जर इस्तेमाल करना सही है या नहीं?
फास्ट चार्जिंग कम समय में बैटरी को तेजी से चार्ज करने की सुविधा देती है। लंबे सफर या जरूरत की स्थिति में यह काफी उपयोगी होती है, लेकिन रोजाना केवल फास्ट चार्जर पर निर्भर रहना बेहतर विकल्प नहीं माना जाता।
फास्ट चार्जिंग के दौरान ज्यादा करंट और गर्मी पैदा हो सकती है। इसलिए ऑफिस आने-जाने या सामान्य रोजाना इस्तेमाल के लिए, यदि वाहन निर्माता अनुमति देता है, तो सामान्य या घर पर होने वाली चार्जिंग का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।
बैटरी को 0% तक पहुंचाना क्यों नुकसानदेह हो सकता है?
जिस तरह हर बार 100% तक चार्ज करना जरूरी नहीं है, उसी तरह बैटरी को बार-बार पूरी तरह खाली करना भी सही आदत नहीं मानी जाती। बेहद कम बैटरी स्तर तक लगातार पहुंचने से उसकी क्षमता और प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
जब बैटरी करीब 15 से 20% तक पहुंच जाए, तो चार्जिंग की योजना बना लेनी चाहिए। इससे रास्ते में बैटरी खत्म होने की परेशानी से भी बचा जा सकता है।
हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: Tiago EV-Punch EV के लिए 24 हफ्ते तक इंतजार, Tigor-Altroz जल्दी मिलेंगी
तेज गर्मी में EV चार्जिंग करते समय क्या सावधानी रखें?
भारत में गर्मियों के दौरान तापमान काफी अधिक हो जाता है और इसका असर इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी पर पड़ सकता है। इसलिए गाड़ी को तेज धूप में लंबे समय तक खड़ा कर चार्जिंग करने से बचना बेहतर है।
संभव हो तो वाहन को छाया वाली, हवादार और सुरक्षित जगह पर चार्ज करें। चार्जिंग की जगह और तापमान से जुड़े निर्देशों के लिए हमेशा अपने वाहन निर्माता की गाइडलाइन देखनी चाहिए।
EV की रेंज बढ़ाने के लिए क्या करें?
EV की रेंज केवल बैटरी की क्षमता पर निर्भर नहीं करती। ड्राइविंग का तरीका, वाहन पर वजन, एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल, सड़क की स्थिति, मौसम, टायर प्रेशर और चार्जिंग की आदतें भी वास्तविक रेंज को प्रभावित कर सकती हैं।
बैटरी को जरूरत के अनुसार चार्ज करना, बहुत कम चार्ज पर वाहन न चलाना, बेवजह रोज फास्ट चार्जिंग से बचना और अत्यधिक गर्म बैटरी के साथ सावधानी बरतना उसकी अच्छी स्थिति बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, अलग-अलग इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों की बैटरी तकनीक व निर्माता की सिफारिशें अलग हो सकती हैं।
वाहन मालिकों को किसी भी तय चार्जिंग नियम को सभी EV पर समान रूप से लागू करने के बजाय अपनी कार या स्कूटर के मालिकाना मैनुअल में दी गई सलाह का पालन करना चाहिए। बैटरी की रेंज अचानक बहुत ज्यादा कम हो जाए तो अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराना बेहतर रहेगा। #EVBattery #ElectricVehicle #EVChargingTips











