ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Flush Door Handles Safety: कार का ये ‘कूल’ फीचर बन रहा खतरा, चौंकाने वाली सच्चाई

On: नवम्बर 20, 2025 8:55 पूर्वाह्न
Follow Us:
Flush Door Handles Safety: कार का ये 'कूल' फीचर बन रहा खतरा, चौंकाने वाली सच्चाई
Join WhatsApp Group

Flush Door Handles Safety: नई-पीढ़ी की कारों में स्टाइल और एयरोडायनामिक डिजाइन को लेकर तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इन्हीं ट्रेंड्स में एक है फ्लश डोर हैंडल, जो कार के बॉडी पैनल में समतल होकर फिट हो जाते हैं। दिखने में यह फीचर बेहद मॉडर्न, लग्जरी और स्मूद लगता है, लेकिन हाल के दिनों में विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बढ़ते खतरे का कारण बताना शुरू कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या आकर्षक डिजाइन के पीछे सेफ्टी से समझौता किया जा रहा है?

क्या होते हैं फ्लश डोर हैंडल? Flush Door Handles Safety

फ्लश डोर हैंडल ऐसे हैंडल होते हैं जो सामान्य कार डोर हैंडल की तरह बाहर निकले हुए नहीं होते। इनके बजाय यह दरवाजे की सतह में समतल रूप से लगे रहते हैं और हल्के से पुश या सेंसर टच पर बाहर की ओर खुलते हैं। कार की एयरोडायनामिक्स को बेहतर बनाना, हवा का विरोध कम करना और लग्जरी लुक देना, इनका मुख्य उद्देश्य होता है। टेस्ला सहित कई प्रीमियम कार निर्माता अब इन्हें स्टैंडर्ड फीचर के रूप में दे रहे हैं।

टॉर्क और बीएचपी में क्या होता है अंतर? समझिए शहर और हाईवे के लिए कौन सी बाइक रहेगी बेस्ट | torque-vs-bhp-in-bikes-difference-buying-guide
टॉर्क और बीएचपी में क्या होता है अंतर? समझिए शहर और हाईवे के लिए कौन सी बाइक रहेगी बेस्ट

सुरक्षा विशेषज्ञ क्यों चिंतित हैं?

भले ही फ्लश डोर हैंडल कार को मॉडर्न बनाते हैं, लेकिन इमरजेंसी स्थितियों में यह फीचर बड़ा खतरा बन सकता है। हाल में कई मामलों में देखा गया कि दुर्घटना के बाद जब कार की इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल हो जाती है, तब फ्लश हैंडल बाहर नहीं आते। इससे मदद करने वाले लोगों को दरवाजा खोलने में परेशानी होती है और अंदर फंसे यात्री बाहर नहीं निकल पाते।

कई सेफ्टी रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि इलेक्ट्रिक या सेंसर-आधारित सिस्टम क्रैश के बाद काम नहीं करते। आग लगने या पानी भरने की स्थिति में हैंडल ढूंढना मुश्किल हो जाता है। रेस्क्यू टीम को कार तोड़ने में अधिक समय लगता है, जिससे जान का जोखिम बढ़ता है। अमेरिका और यूरोप के कुछ सुरक्षा संगठनों ने ऐसे कई केस दर्ज किए हैं, जहां हैंडल न खुलने से रेस्क्यू प्रोसेस में देरी हुई और गंभीर चोटें आईं।

मारुति की 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक एमपीवी और हुंडई बियॉन एसयूवी की जल्द होगी भारत में एंट्री | hyundai-bayon-suv-maruti-ymc-electric-mpv-india-launch
मारुति की 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक एमपीवी और हुंडई बियॉन एसयूवी की जल्द होगी भारत में एंट्री

क्या कार कंपनियां इस पर कदम उठा रही हैं?

कई ऑटो कंपनियों ने अब फ्लश डोर हैंडल में मैनुअल ओवरराइड फीचर जोड़ना शुरू किया है यानी कार की बैटरी या सेंसर फेल होने पर भी दरवाजे को मैकेनिकल तरीके से खोला जा सके, हालांकि सभी मॉडल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सभी वाहन निर्माता इसमें विश्वसनीय मैकेनिकल सिस्टम नहीं जोड़ते, तब तक फ्लश डोर हैंडल को सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

कुल मिलाकर कहें तो फ्लश डोर हैंडल कार के लुक्स और टेक्नोलॉजी को जरूर अपग्रेड करते हैं, लेकिन सुरक्षा के नजरिये से इन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं को भी कार खरीदते समय सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि इमरजेंसी सेफ्टी फीचर्स की जांच करना जरूरी है।

पेट्रोल कारों से मोहभंग! सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी की हिस्सेदारी 41 फीसदी के पार | petrol-cars-market-share-drops-cng-hybrid-ev-growth-fada-report-2026
पेट्रोल कारों से मोहभंग! सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी की हिस्सेदारी 41 फीसदी के पार

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment