Made in India’s magic Maruti Suzuki Fronx beats Hyundai Verna, creates a buzz abroad: भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी ताकत दिखाई है। मारुति सुजुकी की फ्रॉन्क्स ने न केवल हुंडई वर्ना को पीछे छोड़ा, बल्कि यह 2025 में सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली मेड इन इंडिया कार बन गई है। जापान जैसे कठिन बाजार में भी इसकी धूम मची है। आइए, इस शानदार उपलब्धि के पीछे की कहानी को जानते हैं।
Maruti Suzuki Fronx की बंपर सफलता
अप्रैल 2023 में लॉन्च हुई मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स ने कम समय में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। वित्त वर्ष 2025 में इसने 69,133 यूनिट्स का निर्यात किया, जो पिछले साल के 14,887 यूनिट्स की तुलना में 364% की शानदार वृद्धि है। दूसरी ओर, हुंडई वर्ना का निर्यात 52,615 यूनिट्स रहा। फ्रॉन्क्स ने पांच पायदान ऊपर चढ़कर यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) सेगमेंट में नंबर वन का ताज अपने नाम किया। यह उपलब्धि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि फ्रॉन्क्स ने न केवल घरेलू बाजार में अपनी जगह बनाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत का परचम लहराया।
जापान में फ्रॉन्क्स का दबदबा
जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत और प्रतिस्पर्धी बाजार में फ्रॉन्क्स की सफलता ने सबको चौंकाया। 13 अगस्त 2024 को पिपावाव पोर्ट से 1,600 फ्रॉन्क्स एसयूवी की पहली खेप जापान भेजी गई। यह भारतीय मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की पहली एसयूवी है, जो जापान में लॉन्च हुई। इससे पहले 2016 में मारुति की बलेनो ने जापानी बाजार में कदम रखा था। फ्रॉन्क्स की मांग में बढ़ोतरी का श्रेय जापान की स्मार्ट मार्केटिंग रणनीति को भी जाता है। सुजुकी मोटर कॉर्प ने लॉन्च से पहले ही टोक्यो, नागोया और ओसाका के शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) स्टेशनों पर फ्रॉन्क्स का प्रचार शुरू कर दिया था, जिसने ग्राहकों का ध्यान खींचा।
फ्रॉन्क्स की तकनीकी खूबियां
जापान में फ्रॉन्क्स का माइल्ड हाइब्रिड 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन वाला मॉडल बिक रहा है। खास बात यह है कि जहां अन्य बाजारों में यह फ्रंट व्हील ड्राइव (एफडब्ल्यूडी) के साथ उपलब्ध है, वहीं जापान में इसे ऑल व्हील ड्राइव (एडब्ल्यूडी) तकनीक के साथ पेश किया गया है। यह तकनीक जापानी ग्राहकों की जरूरतों और वहां के मौसम के अनुकूल है। फ्रॉन्क्स का स्लीक कूप जैसा डिजाइन, मजबूत एसयूवी कैरेक्टर और आधुनिक फीचर्स इसे वैश्विक स्तर पर आकर्षक बनाते हैं।
भारतीय ऑटोमोबाइल का गौरव
मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स की यह उपलब्धि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। यह कार न केवल तकनीक और डिजाइन में अव्वल है, बल्कि वैश्विक बाजार में मेड इन इंडिया ब्रांड की साख को भी मजबूत कर रही है। फ्रॉन्क्स की सफलता भारतीय इंजीनियरिंग और मार्केटिंग की जीत है, जो भविष्य में और बड़े मुकाम हासिल करने का वादा करती है।
भारतीय बाजार में फ्रॉन्क्स की कीमत और माइलेज
भारत में मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स 7.54 लाख रुपये से 13.04 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। यह 16 वेरिएंट्स में आती है, जिसमें बेस मॉडल सिग्मा और टॉप मॉडल अल्फा शामिल हैं। यह सब-कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर एसयूवी अपने स्टाइलिश लुक और शानदार माइलेज के लिए जानी जाती है। मॉडल और वेरिएंट के आधार पर यह 16 से 30 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देती है, जो इसे मध्यम वर्ग के लिए किफायती और आकर्षक बनाता है।













