Sonipat Water Bill (सोनीपत) : शहर के 15 प्राइवेट सेक्टर के पेयजल कनेक्शन बंद हो सकते हैं। एचएसवीपी ने पेयजल का बकायादार घोषित किया है। संबंधित सेक्टर द्वारा लंबे समय से पेयजल का बिल नहीं भरा है। किसी का दो साल का बिल बकाया है तो किसी का एक साल का। जबकि अब बिल की राशि लाखों रुपए हो गई है।
एचएसवीपी ने इन सेक्टर को दो नोटिस दिए, लेकिन बिल की अदायगी नहीं हुई। अब एचएसवीपी सोमवार से तीसरा नोटिस इन सेक्टर को देगा। नोटिस में बिल भरने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि बिल नहीं भरा गया तो एचएसवीपी इन सेक्टर के कनेक्शन काटेगा। यहां 15 प्राइवेट सेक्टर में करीब डेढ़ लाख लोग रह रहे हैं। यहां पेयजल की सप्लाई एचएसवीपी के रेनीवेल से होती है।
सेक्टरों पर बकाया और कनेक्शनों की संख्या
एचएसवीपी के रेनीवेल से गोहाना में 7,540 कनेक्शन, सेक्टर-23 में 1,840, सेक्टर-14 में 1,360 और सेक्टर-7 में 192 कनेक्शन हैं। इन सभी सेक्टरों और नगर निगम पर कुल 1.77 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। सेक्टर-23 में नगर निगम ने 15 एमएलडी क्षमता की पेयजल आपूर्ति के लिए व्यवस्था की थी, लेकिन बिल भुगतान में लापरवाही बरती गई।
तीसरा नोटिस और कनेक्शन काटने की तैयारी
एचएसवीपी के मीटर निरीक्षक वीरेंद्र राठी ने बताया कि इन प्राइवेट सेक्टरों को समय पर बिल भरना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दो नोटिस देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। अब सोमवार से तीसरा नोटिस जारी होगा, जिसमें 15 दिन का अल्टिमेटम दिया जाएगा। अगर बिल नहीं भरा गया, तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू होगी। उन्होंने कहा कि एक विशेष टीम गठित की गई है, जो इस प्रक्रिया को अंजाम देगी।
बकायादारों की लिस्ट और बिल की राशि
बकायादारों में कई बड़े नाम शामिल हैं। सेक्टर-18 पर 7,46,786 रुपये, सेक्टर-8 पर 5,72,035 रुपये, सेक्टर-10 पर 6,52,169 रुपये, ओमेक्स (9569, 9572, 9671) पर अलग-अलग राशि, टीडीआई (सेक्टर-61) पर 10,00,297 रुपये, अंसल प्रॉपर्टी (सेक्टर-61) पर 85,114 रुपये, नारंग कंस्ट्रक्शन (सेक्टर-62) पर 1,64,753 रुपये, मेक्स हाइट प्रमोटर्स (सेक्टर-61) पर 11,40,682 रुपये, और सेक्टर-23 पर सबसे ज्यादा 86,44,134 रुपये बकाया हैं।
पानी की सप्लाई और बिल भुगतान का विवाद
वाटर वर्क्स का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था, लेकिन पश्चिमी यमुना लिंक नहर से पानी लाने वाली पाइपलाइन को लेकर किसानों ने आपत्ति जताई थी। नगर निगम ने 2022 में एचएसवीपी से पानी खरीदना शुरू किया। उस समय एक बार 4 लाख रुपये का बिल भुगतान हुआ, लेकिन उसके बाद बिल जमा नहीं किया गया। अब यह राशि 86 लाख रुपये तक पहुंच गई है। अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो डेढ़ लाख लोगों की पानी की सप्लाई पर संकट मंडरा सकता है।













