Chandigarh CNG Buses (चंडीगढ़) : प्रशासन ने 85 सीएनजी बसों को किराये पर लेने की योजना बनाई है। टेंडर की शर्तें तय कर ली गई हैं और परिवहन सचिव की मंजूरी के बाद अगले माह पहले सप्ताह में टेंडर निकाला जाएगा। 15 साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण ट्राईसिटी के लोकल रूट पर चलने वाली 100 बसों को सड़कों से हटाया जा रहा है। 15 बसों को दिसंबर से हटाया जाएगा।
किराये पर ली जा रही बसों को इनकी जगह बदला जाएगा। केंद्र से 100 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मांगी है। जब तक इन बसों की मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक किराये पर ली जाने वाली सीएनजी बसों का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की पूरी जिम्मेदारी बस सर्विस पर है, क्योंकि मेट्रो प्रोजेक्ट से केंद्र सरकार ने हाथ खींच लिए हैं।
जिन 85 बसों को किराये पर लिया जा रहा है, उसी कंपनी से चालक और परिचालक भी हायर किए जाएंगे। ऐसे में वर्तमान में जो बसें चला रहे हैं, उन पर काम करने वाले चालक और परिचालकों को भी परेशानी होगी। टेंडर में चालकों व परिचालकों की तैनाती के लिए उन्हें डीसी रेट पर वेतन देने की बात है।
इसलिए किराए पर ली जा रही हैं बसें
प्रशासन ने केंद्र सरकार से 100 नई ई बसों को खरीदने की मंजूरी मांगी है। यदि मंजूरी मिल भी जाती है, तब भी नई बसों को खरीदने में समय लगेगा। इसलिए 85 बसों को किराए पर लेने का अस्थायी बंदोबस्त किया जा रहा है। यदि इन बसों को किराए पर नहीं लिया जाता, तो कई लोकल रूट बंद करने की नौबत आ जाएगी।
ज्ञात हो कि पांच जून को प्रशासन के अधिकारी 100 ई बसों को खरीदने की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास गए थे। 15 नवंबर के बाद पुरानी चल रही 100 डीजल बसों को हटाना पड़ेगा, जिन्हें ई में बदला जाएगा। ये पड़ेगा, जिन्हें ई में बदला जाएगा।
40 नान एसी बसें भी दिसंबर तक
पिछले माह सीटीयू ने 40 नान-एसी बसों के लिए प्रशासन ने टेंडर निकाला है, जो दिसंबर तक आएंगी। नई बसें दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण रूट पर चलेंगी। इनमें आरामदायक सीटें और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर बस में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी लगेगा, जिससे यात्रियों को बसों की लोकेशन की रियल-टाइम जानकारी मिलेगी।
सीटीयू ने जनवरी में 60 एसी बसें शुरू की हैं, जो चंडीगढ़ से दिल्ली, सिरसा, नारनौल वाया रोहतक, तलवंडी साबो, शिमला, अमृतसर, लुधियाना, ज्वाला जी रूट पर चल रही हैं।
मेट्रो चलाने के लिए प्रशासन के पास फंड नहीं
इस समय शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह से बसों पर निर्भर है। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के पास फंड नहीं है और केंद्र सरकार का भी इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई खास दौरान मिली थीं। इनमें कई हरे रंग की नान-एसी और लाल रंग की एसी बसें हैं।
ये आटोमेटिक डीजल बसें रुचि नहीं है। प्रशासन शहर में बस सर्विस को बढ़ाकर ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है। यूटी प्रशासन ने पीएम ई बस सेवा के तहत केंद्र सरकार से 428 इलेक्ट्रिक बसों की मांग की है। फिलहाल ट्राईसिटी के विभिन्न रूट पर सेवाएं दे रही हैं, जिनमें से कई बसें अब धुआं छोड़ने लगी हैं।












