ACB action: Big action by ACB on illegal mining in Haryana: FIR against Sarpanch and officials of Nuh, violation of Supreme Court orders: नूंह: हरियाणा के नूंह जिले में फिरोजपुर झिरका के बसई मेव गांव में अवैध खनन को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ा कदम उठाया है।
सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) की एक ताजा रिपोर्ट के आधार पर ACB ने वन विभाग, खनन एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्व विभाग, और चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ गांव के पूर्व सरपंच और खनन माफिया के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई अरावली पहाड़ियों में अवैध गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित CEC की 15 अप्रैल की निरीक्षण रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।ACB Action
CEC की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बसई मेव गांव में कुछ रास्तों का निर्माण किया गया, जो न केवल गैर-जरूरी थे, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए नुकसानदायक भी साबित हुए। इन रास्तों का मकसद अवैध खनन को बढ़ावा देना और राजस्थान सीमा से खनन सामग्री को हरियाणा में गैरकानूनी तरीके से लाना था।
रिपोर्ट में साफ कहा गया कि इन रास्तों का निर्माण सरपंच हनीफ उर्फ हन्नान और खनन माफिया ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके करवाया। इस गठजोड़ ने सुप्रीम कोर्ट के 7 मई 1992 के आदेशों और पंजाब भू संरक्षण कानून 1900 की अवहेलना की।
हैरानी की बात यह है कि इन रास्तों के निर्माण से पहले न तो वन विभाग की मंजूरी ली गई और न ही स्थानीय किसानों को कोई सूचना या मुआवजा दिया गया। ACB ने DSP अशोक कुमार की शिकायत पर यह FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
सरपंच हनीफ को पहले ही इस मामले में निलंबित किया जा चुका है। ACB को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश है। यह कार्रवाई हरियाणा में अवैध खनन पर नकेल कसने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











