Agniveer Reservation Chandigarh 10% quota proposed in government jobs: जिला सैनिक वेलफेयर बोर्ड की मंगलवार को हुई मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मीटिंग चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव, जो इस बोर्ड के प्रेसिडेंट भी हैं, की अध्यक्षता में हुई।
मीटिंग में बड़ा फैसला किया गया कि चंडीगढ़ प्रशासन में ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पोस्ट में अग्निवीर सेगमेंट में डिफेंस फोर्सेज में काम करने वालों को 10% की एडिशनल रिजर्वेशन दी जाएगी।
अभी तक चंडीगढ़ में इस तरह की रिजर्वेशन अग्निवीर स्कीम में डिफेंस फोर्सेज ज्वाइन करने वालों के लिए नहीं थी। प्रशासन के किसी भी विभाग में अगर सीधी भर्ती ग्रुप-बी या ग्रुप-सी में की जाती है तो उसमें ये 10% रिजर्वेशन का कोटा लागू हो जाएगा।
Agniveer Reservation Chandigarh: 10% कोटा प्रस्तावित
जिला सैनिक बोर्ड ने इस रिजर्वेशन पर सिफारिश की है। दूसरा बड़ा फैसला है- सैन्य कार्रवाई में शहीद होने वाले सैनिकों के परिवारों को मुआवजा राशि 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए होगी।
बोर्ड ने सिफारिश की है कि डिफेंस आम्र्ड फोर्सेस और पैरा-मिल्ट्री फोर्सेज के जो सैनिक सैन्य कार्रवाई में शहीद होते हैं उनके लिए मौजूदा अनुग्रह राशि को बढ़ाया जाए। मीटिंग में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से संबंधित मामलों को लेकर चर्चा की गई।
बोर्ड ने मीटिंग में जो भी फैसले किए हैं उसको अपनी सिफारिशों के साथ चंडीगढ़ प्रशासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद बोर्ड की सिफारिशों को लागू कर दिया जाएगा। मीटिंग में बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट ब्रिगेडियर बीएस ढिल्लों (रिटा.), स्टेशन हेडक्वार्टर चंडीगड़ से प्रतिनिधि के तौर पर लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव शर्मा व अन्य अफसरों ने हिस्सा लिया।
नई फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम में 1 लाख की एकमुश्त सहायता
एक नई फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम लाने का फैसला हुआ है। बोर्ड ने युद्ध के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के अलावा, सेवा के दौरान जान गंवाने वाले और शारीरिक हताहत (घातक) घोषित किए जाने वाले डिफेंस पर्सोनल के निकटतम परिजनों को 1 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता देने के लिए नई स्कीम को लागू करने की सिफारिश की है।
इसके अलावा सैनिक रेस्ट हाउस बिल्डिंग सेक्टर-21 की रेनोवेशन की जरूरत को लेकर चर्चा की गई। इसमें कहा गया है कि इस रेस्ट हाउस की जल्द रेनोवेशन करवानी जरूरी है। डीसी ने अफसरों को कहा है कि वे प्रशासन के चीफ इंजीनियर से कोऑर्डिनेट कर इस काम को जल्द फाइनल करें ताकि टेंडर प्रोसेस जल्द हो सके।












