ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Ambala Development Fund: चित्रा सरवारा ने सरकार पर साधा निशाना, 50 लाख क्यों नहीं?

On: July 10, 2025 8:18 AM
Follow Us:
Ambala Development Fund: चित्रा सरवारा ने सरकार पर साधा निशाना, 50 लाख क्यों नहीं?
Join WhatsApp Group

Ambala Development Fund: Chitra Sarwara targets the government, why not 50 lakhs?: अंबाला विकास फंड (Ambala Development Fund) को लेकर कांग्रेस नेत्री चित्रा सरवारा (Chitra Sarwara) ने हरियाणा सरकार (Haryana Government) पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षदों के लिए 50 लाख रुपये का फंड नहीं है, लेकिन अटके हुए प्रोजेक्ट्स पर करोड़ों रुपये के टेंडर जारी हो रहे हैं। अंबाला छावनी में विकास कार्यों (Development Projects) की सुस्ती और नगर परिषद के एजेंडे में बाढ़ व निकासी जैसे मुद्दों का जिक्र न होने से स्थानीय लोग नाराज हैं। यह विवाद जनता और उनके प्रतिनिधियों के साथ खिलवाड़ जैसा है। आइए, इस मुद्दे की गहराई में जाएं।

पार्षदों के लिए फंड की कमी Ambala Development Fund

मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता
मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता

चित्रा सरवारा (Chitra Sarwara) ने सवाल उठाया कि क्या अंबाला छावनी में अब “विकास का लट्टू” कभी नहीं जलेगा? नगर परिषद ने पार्षदों से विकास कार्यों (Development Projects) की सूची मांगी, लेकिन बजट देने से मुकर गई। परिषद के हालिया एजेंडे में बाढ़ और जल निकासी जैसे अहम मुद्दों का जिक्र तक नहीं है।

पार्षदों को अपने वार्ड में सड़क, स्ट्रीट लाइट, और अन्य सुविधाओं के लिए फंड की जरूरत है। लेकिन सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का फंड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। यह स्थिति स्थानीय विकास को ठप कर रही है। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है।

अटके प्रोजेक्ट्स पर करोड़ों का खर्च

15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया
15 जून से जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-गाजियाबाद के लिए चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ₹10 से शुरू होगा किराया

चित्रा सरवारा ने हरियाणा सरकार (Haryana Government) पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सालों से अटके प्रोजेक्ट्स के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर दोबारा जारी हो सकते हैं, लेकिन पार्षदों के लिए छोटी राशि क्यों नहीं? अंबाला में बाढ़ और जल निकासी (Flood and Drainage) की समस्या सालों से बनी हुई है, लेकिन इनके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

चित्रा ने सरकार से पूछा कि क्या जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है? यह स्थिति अंबाला के लोगों के लिए निराशाजनक है। विकास कार्यों की कमी से जनता में गुस्सा बढ़ रहा है।

चित्रा सरवारा की आवाज और जनता का भरोसा

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

चित्रा सरवारा (Chitra Sarwara) लंबे समय से अंबाला के लोगों की आवाज उठाती रही हैं। 2013 में वे अंबाला नगर निगम की पार्षद चुनी गईं और 2019 में बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस में उनकी सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है।

उनका यह बयान अंबाला विकास फंड (Ambala Development Fund) की कमी को उजागर करता है। जनता को उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देगी। पार्षदों को फंड देकर विकास कार्यों (Development Projects) को गति देना जरूरी है। अंबाला के लोग अब ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment