Ambala flood News, अम्बाला न्यूज : जिले में आसमान के साथ पहाड़ों से भी आफत बरसी। मंगलवार सुबह साढ़े 8 से बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे तक 105.6 एमएम बारिश हुई। बुधवार को दिन में महज 5.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। रही-सही कसर नदियों में आए उफान ने पूरी कर दी। स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई, जो 4 सितंबर को भी रहेगी।
नदियों का उफान, कॉलोनियां डूबीं
सुबह टांगरी नदी में 8100 क्यूसेक पानी था, जो शाम 7:30 बजे 40,500 क्यूसेक पहुंच गया। घग्गर का जलस्तर सुबह 7 बजे 13,760 क्यूसेक था, जो 20 हजार क्यूसेक खतरे के निशान को पार कर 6 बजे 22 हजार क्यूसेक पर था। देर रात प्रशासन ने घग्गर में जलभराव बढ़ने का जारी किया अलर्ट, लोगों को निकालने के लिए मनमोहन नगर में पहुंचाई किश्तियां, स्कूल आज भी रहेंगे बंद मारकंडा नदी जो सुबह 7 बजे अम्बाला कैंट की टांगरी नदी में पानी आने के बाद आसपास की कॉलोनियों में भरा 5 फीट तक पानी था।
डीसी अजय तोमर का कहना है नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा। देर रात प्रशासन ने घग्गर में जलस्तर बड़ने का अलर्ट दिया। मनमोहन नगर में किश्तियां पहुंचा दी। टांगरी नदी के किनारे बसी कालोनियों में बुधवार दोपहर तक 5 फुट पानी भर गया था। टांगरी बांध के साथ रहने वाले संजय व गौतम ने बताया कि वे यहां हिजरा क्वार्टर में रहते हैं। जहां 100 कमरे बने हैं और सभी किरायेदार हैं। सभी बांध पर सामान लेकर बैठे हैं। प्रशासन ने धर्मशालाओं व रैन बसेरों को खुलवाया, लोगों को शिफ्ट किया।
डीसी ने रामगढ़ माजरा के नजदीक कटाव की आशंका को देखते हुए अस्थाई तौर पर मिट्टी के कट्टे लगाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार रामगढ़ माजरा गांव के पास टांगरी नदी के बांध पर लोगों ने जो ट्रैक्टर ट्रॉलियों के लिए रास्ता बनाया है वहां भी कटाव की आंशका को देखते हुए मिट्टी के कट्टे लगाने के निर्देश दिए।
प्रशासन का अलर्ट, स्कूल बंद
डीसी ने कैट एसडीएम कार्यालय में सभी अधिकारियों की बैठक ली और 24 घंटे के लिए सतर्क रहने को कहा। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली निर्वाध रूप से चले, इसके लिए भी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। डीसी ने जलभराव के दृष्टिगत नगर निगम कमिश्नर व अन्य अधिकारियों के साथ अम्बाला शहर के अलावा कैंट के महेश नगर व चंदपुरा में टांगरी नदी व आसपास के इलाकों का दौरा किया।
बाकायदा स्कूल, शिक्षण संस्थान आंगनबाड़ी, खेल स्टेडियम को बंद करने के निर्देश दिए थे। साथ ही कैंट में धर्मशालाएं प्रशासन के अधीन कर ली गई हैं। एसडीआरएफ की 2 टीमें व प्रशासन की 4 बोट के साथ-साथ निजी बोट को भी इस कार्य के लिए ले लिया है, ताकि कोई भी आपात स्थिति रहती है तो वहां तेजी से रेस्क्यू का कार्य किया जा सके।
सितंबर में इतनी बरसात
2012 से अब तक के आकंड़ों की बात करें तो सितंबर में इससे पहले साल 2015 में 23 सितंबर को 106.7 एमएम बरसात हुई थी। इसी प्रकार 25 सितंबर 2022 को 107.2 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। साल 2012 के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा बरसात की बात करें तो जिले में 9 जुलाई 2023 को 224.1 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। चंदपुरा में दोपहर 3 बजे के आसपास ही टांगरी नदी का पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा था। इससे गांव की कनेक्टिविटी बब्याल के बांध के रास्ते से कैंट से टूट गया था।
सड़कें टूटीं, हाईवे पर मलबा
देर शाम तक पानी चंदपुरा में ओवरचिज को नीचे से छूने लगा था। चंदपुरा की दिशा में बनाया कच्चा बांध भी कई जगह से टूट चुका था। हालांकि, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रात में इस पुल को बंद कर बैरिकेड्स लगा दिए थे। मनमोहन नगर में सुबह हाईवे की ढलान से खिसकी मिट्टी ने पूरी सर्विस लेन को बंद कर दिया था। लगभग 50 फीट तक लगभग 3 फीट ऊंचा मलबा हाईवे पर पसर गया था। इससे सर्विस लेन बंद हो गई और लोगों को गीता नगरी अंडरपास से विपरीत दिशा से निकाला गया। इसके अलावा पूजा साड़ी के सामने हाईवे की ढलान से मिट्टी खिसक कर नीचे आ पड़ी थी।












