अंबाला, (Asthma Care): हवा में प्रदूषण के साथ ही मौसम बदलाव होने से लोगों को कई बीमारियां घेर रही हैं। अस्थमा के मरीजों को इन दिनों में ज्यादा दिक्कत आती है, क्योंकि हवा खराब होने से सांस लेने में परेशानी होती है। जिला नागरिक अस्पताल के फिजियोथेरेपी ओपीडी में भी ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिनको सांस लेने में दिक्कत होती है, ऐसे मरीजों को ओपीडी में गहरी सांस का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
अस्पताल से डॉक्टर नम्रता और डॉक्टर गगन ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से अस्थमा रोगियों को सांस लेने में भी दिक्कत आती है, उनको गहरी सांस लेने का अभ्यास करवाया जाता है कि वह कैसे लंबा सांस लेकर राहत पा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान भी किया कि घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क लगाएं और रूमाल भी बांध सकते हैं। इसके साथ ही सुबह और शाम को कम ही बाहर निकलें, क्योंकि शाम के समय हवा में ज्यादा प्रदूषण होता है।
ओपीडी में पहुंचते हैं 70 से ज्यादा मरीज
डॉ. नम्रता ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 70 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं, इनमें सर्वाइकल के दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों के दर्द के मरीज भी आते हैं। गर्मी से सर्दी का सीजन बदलने के दिनों में जोड़ों के दर्द के मरीजों में बढ़ोतरी हो जाती है। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने में आती है।
ऐसे कर सकते हैं डीप ब्रीदिंग अभ्यास
डीप ब्रीदिंग अभ्यास करने के लिए आराम से बैठें या लेट जाएं, एक हाथ पेट पर और एक छाती पर रखें, फिर, धीरे-धीरे नाक से गहरी सांस लें, महसूस करें कि पेट फूल रहा है और छाती कम हिल रही है। सांस छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर आने दें और आराम महसूस करें।
इसे 4 सेकंड में सांस लेने और 4 सेकंड में सांस छोड़ने के साथ शुरू करें, धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं। वहीं, डीप ब्रीदिंग अभ्यास से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है और मांसपेशियों को आराम मिलना और पाचन में सुधार होता है। यह अभ्यास तनाव को कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक है।












