Apaar ID Haryana, रोहतक न्यूज : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी ने राज्य के सभी राजकीय व गैर-राजकीय मान्यता प्राप्त विद्यालयों के मुख्य मुख्याध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों को अहम आदेश जारी किया है। अब विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक रिकॉर्ड को सरकार द्वारा जारी अपार आईडी ( स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्ट्री आईडी) से जोड़ा जाएगा।
शिक्षा बोर्ड के सहायक सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा से जुड़े समस्त दस्तावेजों का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे विद्यार्थियों के पूरे शैक्षणिक सफर का एक स्थायी और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। जिससे उनके परिणाम, अंकतालिका और शैक्षिक विवरण सुरक्षित रहेंगे।
छात्रों व अभिभावकों के लिए निर्देश
शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते अपने विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाना सुनिश्चित करें। अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे बच्चों की आवश्यक जानकारी समय पर विद्यालय को उपलब्ध कराएं ताकि उनके परिणाम और शैक्षिक रिकार्ड डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में बिना किसी बाधा के जुड़ सकें।
इन परीक्षाओं में अनिवार्य होगी अपार आईडी
निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 से बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं के परिणाम केवल उन्हीं विद्यार्थियों का घोषित किए जाएंगे। जिनकी अपार आईडी उपलब्ध होगी। भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया में भी अपार आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी।
अपलोडिंग भी जरूरी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 2025-26 से प्रदेश के सभी राजकीय व गैर-राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश के समय तथा उनके परिणाम अपलोड करने की प्रक्रिया में अपार आईडी का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
क्या हैं अपार आईडी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई। शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने और शैक्षिक स्तरों के बीच संक्रमण को सुविधाजनक बनाने के लिए वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी कार्ड प्रणाली स्थापित करना है।
डीईओ रोहतक मंजीत मलिक ने कहा कि शिक्षा विभाग का मानना है कि अपार आईडी की व्यवस्था से छात्रों के रिकॉर्ड में पारदर्शिता और सुगमता आएगी। साथ ही, यह आईडी विद्यार्थियों को भविष्य में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए भी लाभकारी होगी, क्योंकि उनका पूरा शैक्षणिक डेटा राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा।












