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क्या AI इंसानों की जगह ले सकता है? पंजाब यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने दिया ये जवाब!

On: सितम्बर 11, 2025 11:00 पूर्वाह्न
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क्या AI इंसानों की जगह ले सकता है? पंजाब यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने दिया ये जवाब!
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AI in jobs, (चंडीगढ़) । पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) में आयोजित वैरिटाज 2.0 के पैनल डिस्कशन में एक्सपर्ट्स ने साफ-साफ कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों का विकल्प नहीं बन सकता। AI सिर्फ सपोर्ट के लिए है, लेकिन आखिरी फैसला हमेशा इंसानों को ही लेना होगा। यह चर्चा नौकरियों, तकनीक और भविष्य के तालमेल पर केंद्रित रही, जिसमें मौजूदा जॉब्स के साथ AI को कैसे जोड़ा जाए, इस पर गहराई से बात हुई।

AI इंसानों को रिप्लेस नहीं कर सकता

पैनल डिस्कशन में एक मल्टीनेशनल कंपनी में एचआर मोहम्मद साकिब ने टॉपिक ‘इज एचआर लूजिंग इट्स सोल बाय ट्रस्टिंग AI ओवर ह्यूमन जजमेंट’ पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल सही जगह पर करना चाहिए, लेकिन कई बार इसके भरोसे छोड़ा गया काम बड़ी गलतियों का कारण बन जाता है। एचआर में सहानुभूति, नैतिक निर्णय, संदर्भ और सांस्कृतिक अनुकूलता जैसी चीजें सिर्फ इंसान ही समझ सकता है। साकिब ने बताया कि AI सिर्फ कोडिंग और मशीन लर्निंग तक सीमित है। कई बार कंपनियों को AI की गलतियों की वजह से ज्यादा खर्च उठाना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरोसा और इंसानी रिश्ते सिर्फ इंसान ही बना सकता है, AI नहीं।

नौकरियों पर AI का असर?

‘AI एंड कंपीटिटिव एडवांटेज’ पर दूसरी चर्चा में ग्लोबल रिसर्च फर्म में डायरेक्टर (न्यू क्लाइंट एक्विजिशन) इशान पुंज और एक इंटीग्रेटेड रिफाइनरी व पेट्रोकैमिकल कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग) हिमांशु हांडा ने हिस्सा लिया। दोनों ने साफ किया कि कुछ खास नौकरियों को छोड़कर AI से रोजगार को कोई खतरा नहीं है। इंसानों की निर्णय लेने की क्षमता AI से कहीं बेहतर है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में AI का सीधा इस्तेमाल नहीं हो सकता, लेकिन लॉजिस्टिक्स, बैकएंड वर्क, ऑटोमेटेड ईमेल और रॉ मटेरियल की जांच में यह मददगार हो सकता है। ट्रेडिंग सेक्टर में भी AI उपयोगी है, लेकिन मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में, जहां कई स्टेकहोल्डर्स जुड़े होते हैं, वहां इंसानी कनेक्शन जरूरी है। AI वहां सिर्फ प्रेजेंटेशन तक सीमित रहता है।

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सावधानी जरूरी

पुंज और हांडा ने चेतावनी दी कि कॉन्फिडेंशियल डेटा और फाइनेंस से जुड़ी निजी जानकारी को AI के साथ शेयर करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल मौजूदा जॉब्स के साथ तालमेल बनाकर करना होगा। अगर इसका सही तरीके से उपयोग न किया जाए, तो नुकसान भी हो सकता है।

5 दिन, 10 टॉपिक्स, 60 एक्सपर्ट्स

यह इवेंट 13 सितंबर तक चलेगा, जिसमें हर रोज दो सेशन होंगे। चेयरपर्सन प्रो. परमजीत कौर ने बताया कि इस दौरान 10 अलग-अलग टॉपिक्स पर एलुमनाई और अन्य एक्सपर्ट्स चर्चा करेंगे। कुल मिलाकर करीब 60 एक्सपर्ट्स इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन नौजवानों को भविष्य की तकनीक और नौकरियों के बारे में जागरूक करने के लिए खास है।

जब AI ने मचाया बवाल

AI के गलत इस्तेमाल के कुछ उदाहरण भी चर्चा में आए।

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  • एक नामी कंपनी ने हायरिंग में AI टूल का इस्तेमाल किया, जिसने सभी महिलाओं के बायोडेटा रिजेक्ट कर दिए।
  • माइक्रोसॉफ्ट का AI चैटबॉट Tay लॉन्च होते ही विवादों में घिर गया, क्योंकि उसने ट्विटर पर भड़काऊ और आपत्तिजनक ट्वीट किए।
  • अमेरिका की एक इंश्योरेंस कंपनी के चैटबॉट ने कोडिंग की गड़बड़ी के कारण गाली सुनते ही कॉल डिस्कनेक्ट कर दी, जबकि कस्टमर को समझना जरूरी था।
  • विदेश में एक वकील ने AI से केस तैयार किया, लेकिन गलत धाराओं के कारण वह कोर्ट में सवालों के घेरे में आ गया।

इन उदाहरणों से साफ है कि AI का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा। यह इंसानों का सहायक हो सकता है, लेकिन उनकी जगह नहीं ले सकता।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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