चंडीगढ़, Green crackers Chandigarh। इस दीवाली चंडीगढ़ में सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे और इन्हें ही चलाने की अनुमति होगी! डिप्टी कमिश्नर ऑफिस ने बुधवार को पटाखे बेचने के लिए कुल 96 टेंपरेरी लाइसेंस जारी कर दिए हैं। सेक्टर-23 के बाल भवन में एसडीएम सेंट्रल नवीन स्तू की अध्यक्षता में ड्रॉ के जरिए साइट वाइज ये लाइसेंस दिए गए। ऑनलाइन आवेदन मंगवाए गए थे और 4280 लोगों ने इन 96 लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था। 500 रुपये की फीस से प्रशासन को करीब 21 लाख रुपये मिले हैं। कई एप्लीकेंट्स ने दो या ज्यादा साइट के लिए अप्लाई किया था, इसलिए एप्लीकेंट्स करीब 2800 थे लेकिन एप्लीकेशन 4280 तक पहुंच गई। चंडीगढ़ में ये पहला मौका है जब दीवाली से करीब 40 दिन पहले ही पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस जारी हो गए।
स्टॉल लगेंगे इन 12 साइटों पर
पटाखे बेचने के लिए 12 साइटों में 96 स्टॉल लगेंगे। दशहरा ग्राउंड सेक्टर-43 में 20, सेक्टर-46 के ओपन ग्राउंड में 11, सेक्टर-33सी के ओपन स्पेस में 5, सेक्टर-37सी के ओपन स्पेस में 5, गुजरात भवन सेक्टर-24 के सामने 6, सब्जी मंडी ग्राउंड सेक्टर-29 में 5, सेक्टर-28 के ओपन ग्राउंड में 5, दशहरा ग्राउंड सेक्टर-30 में 5, सब्जी मंडी ग्राउंड रामदरबार में 10, मनीमाजरा में फायर स्टेशन ऑफिस के पास के ग्राउंड में 12, सेक्टर-49 में सब्जी मंडी ग्राउंड के पास 7 और रामलीला ग्राउंड कम्यूनिटी सेंटर सेक्टर-40 में 5 स्टॉल लगेंगे। पटाखे बेचने के लिए सिर्फ तीन दिन ही स्टॉल लगेंगे।
व्यापारियों की मांग पर जल्द लाइसेंस
कारोबारियों ने डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव से मांग की थी कि लाइसेंस को लेकर जल्द फैसला हो। हर बार दीवाली के ठीक पहले ड्रॉ होता था, जिससे ग्रीन कैटेगरी के पटाखे मिलना मुश्किल हो जाता था। क्रैकर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ ने डीसी निशांत यादव का आभार जताया। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी चिराग अग्रवाल ने कहा कि इससे विक्रेताओं को होलसेल में सामान खरीदने के लिए काफी समय मिलेगा, जिससे वे सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स ही बेच पाएंगे।
दिशा-निर्देश और सुरक्षा पर जोर
प्रशासन की तरफ से पटाखे चलाने के लिए दिशा-निर्देश जल्द जारी होंगे। कुछ लड़ियों में पटाखों की सेल पर पाबंदी रहेगी और कुछ पटाखों को चलाने पर रोक होगी। टेंपरेरी लाइसेंस होल्डर को स्टॉल के साथ सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे। अगर प्रति स्टॉल औसतन 4-5 लाख रुपये की सेल हो तो चंडीगढ़ में पटाखों का कारोबार करीब 5 करोड़ रुपये या इससे ज्यादा का होगा।












