अंबाला (Extramarital affairs): विवाह के बाद बाहर संबंध (एक्सट्रा मैरिटल अफेसर) के मामलों में इजाफा हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में महिलाएं सरकारी वन स्टॉप सेंटर में शरण भी ले रही हैं। वर्ष 2023 से ऐसे मामले अब अधिक आने लगे हैं।
जिसमें से कुछ ही महिलाएं वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच पाती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की रिपोर्ट को देखें तो बीते चार सालों में वन स्टॉप सेंटर में पांच ऐसे मामले आए हैं जिसमें महिलाओं ने एक्सट्रा मैरिटल अफेसर होने कारण शरण ली।
इसमें भी चार मामले इसी साल आए हैं। इन मामलों के आने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2019 में अंबाला सिटी में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना हुई थी। तब से लेकर वर्ष 2021 तक एक भी इस प्रकार का मामला महिला एवं बाल विकास विभाग के पास नहीं आया।
मगर वर्ष 2022 में एक मामला इस प्रकार का आया था। इसके बाद इस साल एक साथ चार मामलों में पीड़ित महिलाओं ने वन स्टॉप सेंटर में शरण ली है।
Extramarital affairs: घरेलू हिंसा के मामलों में इजाफा
केंद्र सरकार की महिला संरक्षण एवं सुरक्षा योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं व बच्चियों के ऊपर हो रहे अत्याचार को रिपोर्ट करना होता है। इसके साथ ही उनकी सहायता करनी होती है। इस योजना में 16 अलग-अलग महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी श्रेणियों में काम किया जाता है।
महिलाओं व बच्चियों को आश्रय, काउंसलिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। इसी योजना की रिपोर्ट पर गौर करें तो सबसे अधिक घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। बीते छह वर्षों में 373 महिलाओं ने घरेलू हिंसा के कारण वन स्टॉप सेंटर में शरण ली।
वर्ष 2020 के आसपास ऐसे मामलों का आंकड़ा वर्षभर में 50 से 70 के बीच रहता था, मगर बीते वर्ष ऐसे 95 मामले तो इस वर्ष 80 मामले अभी तक दर्ज किए जा चुके हैं।
22 महिलाएं हुईं गुम या अपहरण
इस साल 22 महिलाएं गुम हुई हैं या उनका अपहरण हुआ है। ऐसे मामले भी विभाग के पास आए हैं। बीते छह वर्षों में 119 महिलाओं के गायब होने की शिकायतें दर्ज कराईं गईं। बाल विवाह जैसी कुप्रथा का इस साल एक ही मामला अभी तक सामने आया है।
जबकि पिछले वर्ष ऐसे मामले शून्य थे। इसके साथ ही मानसिक तौर पर महिलाओं को प्रताड़ित करने के दो मामले सामने आए हैं। वहीं महिलाओं को धमकी देने का बीते सात वर्षों में इसी वर्ष दो मामले दर्ज किए गए हैं।













