Caste Census: Caste census begins in Haryana from March 1, know full details: जातिगत जनगणना (Caste Census) को लेकर हरियाणा में तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्र सरकार (Central Govt) ने जनगणना 2026 की घोषणा कर दी है, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
हरियाणा में यह प्रक्रिया 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। इस बार खास बात यह है कि आजादी के बाद पहली बार जातिगत आंकड़े भी इकट्ठा किए जाएंगे। यह कदम सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद जगाता है। आइए, इस जनगणना की प्रक्रिया और इसके महत्व को समझें।
दो चरणों में होगी जनगणना Caste Census
जनगणना 2026 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (Housing Census) पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें घरों की स्थिति, संपत्ति, और सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, इंटरनेट, और वाहनों की जानकारी दर्ज की जाएगी।
दूसरा चरण जनसंख्या और जातिगत आंकड़ों पर केंद्रित होगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, और नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी मिलेगा। लोग मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी आसानी से दर्ज कर सकेंगे। यह डिजिटल प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगी।
हरियाणा में तैयारियां और महत्व
हरियाणा में जातिगत जनगणना (Caste Census) की शुरुआत 1 मार्च 2027 से होगी। वित्त आयुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस जनगणना को सामाजिक न्याय के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
उनके मुताबिक, यह समाज के सबसे वंचित वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित करेगा। नए आंकड़ों के आधार पर आरक्षण नीतियों, संसाधन आवंटन, और विकास योजनाओं में बदलाव की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोग सामाजिक विभाजन की आशंका भी जता रहे हैं। फिर भी, यह जनगणना सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिजिटल जनगणना का नया युग
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जो इसे पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक बनाती है। स्व-गणना (Self-Enumeration) के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए फायदेमंद होगा। यह प्रक्रिया मोबाइल-अनुकूल है, जिससे लोग आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों को इसकी तैयारी के लिए पत्र लिखा है। यह डिजिटल पहल न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि डेटा की सटीकता को भी बढ़ाएगी।












