CBSE Sports Tournament, चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीएसई को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेल प्रतियोगिताओं की अंतिम तारीख स्कूलों में दाखिले की तारीख के बाद होनी चाहिए। जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा कि भविष्य में सीबीएसई को यह सुनिश्चित करना होगा कि खेल स्पर्धाओं की तारीख दाखिले की अंतिम तिथि के बाद रखी जाए, ताकि छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि इस मामले में छात्रों को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की इजाजत मिल चुकी है और समस्या का समाधान हो गया है, इसलिए अब कोई और आदेश की जरूरत नहीं है।
छात्रों को रोके जाने पर उठा विवाद
न्यू पब्लिक स्कूल सोसाइटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दो छात्रों, अफरीन और अरहमर खान, को सीबीएसई अंडर-19 गर्ल्स बास्केटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोकने पर आपत्ति जताई थी। इन छात्राओं का दाखिला 7 जुलाई और 14 जुलाई को हुआ था। सीबीएसई ने 5 अगस्त से 10 अगस्त तक होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए 5 जुलाई तक दाखिला और रजिस्ट्रेशन पूरा करने की शर्त रखी थी, जबकि सीबीएसई के अपने दिशानिर्देशों के मुताबिक कक्षा 11 में दाखिले की अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
कोर्ट में स्कूल की दलील
सोसाइटी की ओर से वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि जब सीबीएसई खुद 31 अगस्त तक दाखिले की इजाजत देता है, तो उससे पहले दाखिला लेने वाले छात्रों को खेल प्रतियोगिता से रोकना न सिर्फ गलत है, बल्कि नियमों के खिलाफ भी है। उन्होंने मांग की कि खेल आयोजनों की समय-सारणी को दाखिले की तारीखों के हिसाब से तय किया जाए, ताकि कोई भी छात्र अवसर से वंचित न रहे।
छात्राओं की जीत
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बताया कि कोर्ट के पिछले आदेश के बाद दोनों छात्राओं को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति मिल गई। खुशी की बात यह है कि स्कूल की अंडर-19 गर्ल्स बास्केटबॉल टीम ने इस टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया। यह जीत न सिर्फ छात्राओं के लिए, बल्कि स्कूल और कोर्ट के फैसले के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।












