CET admit card: Thousands of students did not get CET roll number, High Court angry! Know the reason: हरियाणा CET एडमिट कार्ड विवाद (Haryana CET admit card issue) ने राज्य में एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लगातार तीसरे दिन इस मुद्दे पर सुनवाई हुई। मामला उन 21,500 अभ्यर्थियों का है जिन्हें अब तक परीक्षा के लिए रोल नंबर जारी नहीं किए गए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल 170 याचिकाकर्ताओं को प्रोविजनल रूप से परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, बाकी अभ्यर्थियों को बाहर रखा जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे कि जब छात्रों ने सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दिए, फीस भर दी और एफिडेविट का प्रिंट आउट भी तैयार था, तो उन्हें परीक्षा देने से रोका क्यों गया?
HSSC का जवाब: अधूरे फॉर्म होने की दलील CET admit card
HSSC ने अदालत में दाखिल अपने जवाब में कहा कि यदि किसी उम्मीदवार ने अंतिम रूप से एफिडेविट अपलोड नहीं किया है तो उसे अधूरा फॉर्म माना जाएगा। आयोग का दावा है कि सभी छात्रों को पहले ही इस नियम की जानकारी दी गई थी।
इसके अनुसार, आवेदन की अंतिम प्रक्रिया में (affidavit upload problem CET) शामिल है, जिसमें एफिडेविट पर हस्ताक्षर करके उसे पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य था। इसी आधार पर आयोग ने उनका फार्म अधूरा मानकर उन्हें परीक्षा से बाहर कर दिया।
प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
HSSC ने अपने जवाब में (CET selection process Haryana) में मैग्ना कार्टा प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार ने सभी शर्तें पूरी नहीं की हों तो उसे रिलीफ नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने हालांकि स्पष्ट किया है कि फिलहाल सुनवाई सिर्फ एडमिट कार्ड से जुड़े विवाद तक सीमित रहेगी, और अन्य मसलों पर अगली तारीख पर विचार होगा।
इस मामले ने न केवल छात्रों को तनाव में डाल दिया है, बल्कि सरकार और आयोग की चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट इस मामले पर क्या अंतिम फैसला सुनाता है।













