CET Group C Normalization: HSSC Chairman sought suggestions, new system will be implemented in the exam: (CET नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला 2025) को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। 26 और 27 जुलाई को आयोजित (CET ग्रुप C परीक्षा) में चार शिफ्टों में परीक्षा ली गई थी। कई उम्मीदवारों ने शिकायत की कि कुछ शिफ्टों में प्रश्न बेहद आसान थे, जबकि अन्य में कठिनाई का स्तर अधिक था।
इस असमानता को दूर करने के लिए आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणामों में (CET नॉर्मलाइजेशन लागू) किया जाएगा। यह फॉर्मूला सभी शिफ्टों के कठिनाई स्तर को संतुलित करेगा, जिससे सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा।
नॉर्मलाइजेशन क्यों है जरूरी? CET Group C Normalization
(CET Exam Shift Difference) के कारण कई उम्मीदवारों को लगा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। नॉर्मलाइजेशन एक ऐसा गणितीय तरीका है जिससे अलग-अलग शिफ्टों के स्कोर को एक समान आधार पर लाया जाता है। इससे परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहती है।
(HSSC CET 2025) में लाखों उम्मीदवारों ने भाग लिया है। ऐसे में यह कदम परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करेगा। आयोग ने यह भी कहा है कि (CET उम्मीदवार सुझाव) आमंत्रित किए जाएंगे ताकि प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सके।
उम्मीदवारों से मांगे गए सुझाव
HSSC अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने कहा है कि आयोग सभी उम्मीदवारों की राय को महत्व देगा। उन्होंने (CET Candidate Feedback) को आमंत्रित किया है ताकि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाया जा सके।
यह पहल न केवल तकनीकी रूप से परीक्षा को मजबूत बनाएगी, बल्कि (CET Fair Evaluation) के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देगी। आयोग का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जो कठिन शिफ्ट में परीक्षा देकर चिंतित थे।












