Chandigarh Bijli Cut Power cuts increase problems in scorching heat: गर्मियों में चंडीगढ़ की बिजली खपत बढ़ गई है। वीरवार को दोपहर 1 बजे से शाम 3.30 बजे तक बिजली की खपत 465 मेगावॉट पहुंच गई, जो अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे बिजली लाइनें ओवरलोड हो गईं। 11 केवी इनडोर सब-स्टेशन में लगे ट्रांसफॉर्मर गर्म होते गए और शहर में अलग- अलग सेक्टरों, गांव – कॉलोनियों में बिजली गुल होती रही।
सीपीडीएल की टीम बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मर्स को शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए सुबह 11 बजे से रात तक शहर में 20 से 30 मिनट के कट भी लगाती रही। लोगों का यह भी कहना है कि शिकायत भी ठीक से अटेंड नहीं हो रही है। कोई फोन नहीं उठाता है। वॉट्सएप नंबर पर कॉल नहीं मिलती।
लोग कहां शिकायत करें। पहले सरकारी महकमा था तो चीफ इंजीनियर से संपर्क करते थे, अब बिजली प्राइवेट हाथों में जाने के बाद से कोई सुनने वाला ही नहीं है।
Chandigarh Bijli Cut: प्रशासक को लेटर
प्राइवेटाइजेशन के बाद आई दिक्कत सीपीडीएल प्रबंधन से खफा होकर काउंसलर हरदीप सिंह ने प्रशासक यूटी को लेटर लिखा है। इसमें कहा है कि भीषण गर्मी में 11-12 जून की रात को अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली चालू करवाने के लिए कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई उपलब्ध नहीं हुआ।
बिजली विभाग के निजीकरण के बाद यह समस्या आई है, क्योंकि निजी कंपनी के अफसरों-कर्मचारियों को लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले सरकारी अफसर और कर्मचारी स्थायी रूप से अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते थे और आम लोगों की उन तक आसान पहुंच थी।
यहां 2-3 बार लगे आधे-आधे घंटे के कट
बिजली लाइनें ओवरलोड होने से सेक्टर-1, 3, 7 से 12, 14 से 31, ग्रेन मार्केट, बापूधाम कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट एरिया, सेक्टर 32 2 से 52, 55, 56, 61, 63, मनीमाजरा, मॉडर्न हाउसिंग, डुपलेक्स, माड़ीवाला टाउन, पिपलीवाला टाउन, बैंक कॉलोनी, विकास डेहरा साहिब, गोविंद नगर, समाधि गेट, मौली जागरां, नगर, चरण सिंह कॉलोनी, गांव मक्खनमाजरा, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, हल्लोमाजरा, रामदरबार कॉलोनी, पलसोरा, डड्डूमाजरा गांव एवं कॉलोनी, मलोया गांव एवं कॉलोनी, धनास गांव, सारंगपुर, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, दड़वा, मौली गांव, बहलाना, कजहेड़ी, ‘फ्लैट धनास में आधे-आधे घंटे के कट दो से तीन बार लगे।
सेक्टर-30बी में दोपहर 2.40 से 3.45 बजे तक कट रहा। इसी सेक्टर में तड़के 3 बजे ट्रांसफॉर्मर सड़ने क बजे से सुबह 10 बिजली गुल रही और लोग 7 घंटे घरों के बाहर बैठे रहे।
सेक्टर-41, गांव बटरेला, बढहेड़ी में रात 12 बजे से सुबह तक बिजली गुल र न रही। एरिया काउंसलर हरदीप सिंह ने वॉट्सएप पर कई बार फोन किया। एसडीओ और जेई को फोन किए, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया । न ही बिजली चालू हो सकी।
मिल्क कॉलोनी धनास और खुड्डा लाहौरा कॉलोनी फेज वन में पिछले तीन दिनों से लो-हाई वोल्टेज की प्रॉब्लम है। वहां कई लोगों के कूलर और फ्रिज खराब हो गए हैं। सेक्टर-41ए में भी ऐसी ही प्रॉब्लम से कई लोगों के फ्रिज खराब हो गए।
4 माह में इनडोर सब-स्टेशन लगे पुराने ट्रांसफार्मर नहीं बदल पाई कंपनी
11 केवीए के 230 इनडोर सब-स्टेशन में पुराने ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। इनके पार्ट्स खराब होने पर मुश्किल से मिलते हैं। इनको सड़ने से बचाने के लिए पीडीएल टीम के पास कट लगाने के अलावा कोई चारा नहीं है। बिजली विभाग सीपीडीएल को 1 फरवरी 2025 को ट्रांसफर हुआ है।
पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को 4 माह में अपग्रेड नहीं किया जा सका। यहां तक की 11 केवीए सब-स्टेशन में लगे ट्रांसफार्मर तक नहीं बदले गए। सीपीडीएल प्रबंधन ने दो दिन पहले चीफ सेक्रेटरी की रिव्यू मीटिंग में कहा था कि इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कर दिया है।
हकीकत में कंपनी चार महीने में सेक्टर-56 के 66 केवीए सब-स्टेशन में 2 एसी तक नहीं लगवा सकी। इस सब स्टेशन में उमस में बार-बार शॉर्ट सर्किट होता है । यह पुरानी समस्या है। वहीं, सीपीडीएल प्रबंधन प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वीरवार को खपत 465 मेगावॉट पहुंची थी।












