Chandigarh Health Department Recruitment Now senior officers will come from all over the country: चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट में अब डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद पर पंजाब और हरियाणा का दबदबा खत्म होने के आसार बन रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने ड्राफ्ट रिक्रूटमेंट रूल्स नोटिफाई किए हैं, जिसके मुताबिक इन दो पदों के लिए पंजाब-हरियाणा के साथ ही किसी भी केंद्र शासित प्रदेश से अफसर डेपुटेशन पर आ सकते हैं।
Chandigarh Health Department Recruitment: क्या होगा फायदा?
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के अफसरों का 60 40 का रेशो रहता है। लेकिन, पिछले काफी समय में प्रशासन के विभिन्न बड़े पदों पर भी पंजाब और हरियाणा का वर्चस्व कम हुआ है। डीएचएस का टेन्योर इसी साल सितंबर में पूरा हो रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन ने इस पद के लिए पंजाब, सहित केंद्र और सभी यूटी से आवेदन मांगे हैं।
अब तक डीएचएस के पद पर पंजाब से प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर्स का पैनल मांगा जाता है। एमएस के लिए हरियाणा के चीफ मेडिकल ऑफिसर्स का पैनल मंगाया जाता है। अब हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि नियमों के अनुसार, सभी ग्रुप-ए पदों को सेंट्रल सर्विस रूल्स के तहत रखा जाएगा।
इसके तहत अब दिल्ली, पंजाब या हरियाणा कहीं से भी सेंट्रल स्टेट, यूटी कैडर से तैनाती हो सकेगी। इसमें मेरिट के आधार पर जो सक्षम अधिकारी होगा उसे तैनात किया जा सकेगा। प्रशासन ने ड्राफ्ट पॉलिसी पर ऑबजेक्शन मांगे हैं। भारत सरकार की रिक्रूटमेंट गाइडलाइंस के मुताबिक प्रशासन ने ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की है।
स्पष्ट तौर पर रूल्स में कहीं नहीं
जानकारों का कहना है कि पुराने रिक्रूटमेंट रूल्स में कहीं भी यह स्पष्ट तौर पर नहीं लिखा है कि डीएचएस की पोस्ट पंजाब से ही भरी जाएगी। लेकिन ऐसी रिवायत चली आ रही है। अब पंजाब, हरियाणा और यूटी तीन कैडर की जगह ऑल इंडिया कैडर हो जाएगा। इससे देश के किसी भी हिस्से से कोई भी इस पद पर आवेदन कर सकेगा।
उपयुक्त अधिकारी डेपुटेशन पर केंद्र, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश से शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर आ सकेंगे। अधिकारी वैधानिक बॉडी, ऑटोनोमस बॉडी, सेमी गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन, यूनिवर्सिटी या मान्यता प्राप्त रिसर्च इंस्टीट्यूट से हो सकते हैं।













