ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Chandigarh Housing Board की ‘नीड-बेस्ड पॉलिसी 2023’ पर फिर मचा बवाल, हजारों मकानों पर संकट!

On: जुलाई 27, 2025 12:53 अपराह्न
Follow Us:
Chandigarh Housing Board की 'नीड-बेस्ड पॉलिसी 2023' पर फिर मचा बवाल, हजारों मकानों पर संकट!
Join WhatsApp Group

Chandigarh Housing Board need based policy 2023: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड नीति 2023 एक बार फिर चर्चा में है। ढाई साल से लटकी इस नीति पर अब हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर्स फैसला लेने जा रहे हैं।

इस नई पॉलिसी को लेकर न केवल रहवासी नाराज हैं, बल्कि इससे करीब 55 हजार यूनिट्स के निर्माण को ‘वायलेशन’ की श्रेणी में डाल दिया गया है। सवाल ये है कि क्या ये नीति मकान मालिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनी है या सिर्फ नियमों का बोझ बढ़ाने के लिए?

Chandigarh Housing Board: 2023 में जारी पॉलिसी पर क्यों उठे सवाल?

3 जनवरी 2023 को जारी हुई नीड-बेस्ड पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की वजह से 10 जनवरी 2023 से होल्ड पर रख दिया गया था। कोर्ट ने फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी थी, जिससे इस पॉलिसी को पीछे की तारीख से लागू नहीं किया जा सका।

पॉलिसी पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि इसमें पिछली नीतियों में दी गई रियायतों को खत्म कर दिया गया और उन्हें ‘अवैध निर्माण’ घोषित कर दिया गया। इस बदलाव से हजारों आवंटियों को नुकसान हुआ।

किस तरह की निर्माण गतिविधियों को बताया गया ‘वायलेशन’?

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां | amritsar-jamnagar-economic-corridor-route-map-travel-time-completion-date
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सीधे जुड़ेंगे मुंद्रा पोर्ट से, 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां

इस पॉलिसी के तहत, MIG डुप्लेक्स फ्लैट्स के सामने निर्माण, पहली मंजिल पर अतिरिक्त कमरा बनाना, बालकनी कवर करना, आंगन को बंद करना जैसे काम अब ‘वायलेशन’ माने जाएंगे।

चौंकाने वाली बात ये है कि 62 हजार हाउसिंग यूनिट्स में से लगभग 55 हजार में ऐसे निर्माण किए जा चुके हैं।

जिन कार्यों को पहले की नीतियों में मंजूरी दी गई थी, उन्हें अब गलत ठहरा दिया गया है।

यह न सिर्फ मकान मालिकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि दशकों से बसे लोगों को कानूनी पचड़े में भी डाल सकता है।

पुरानी नीतियां और नई पॉलिसी में अंतर

2010, 2015 और 2016 की नीतियों में,

फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल | haryana-power-strike-eleven-power-crisis-industrial-production-halt
फेस्टिव सीजन में हरियाणा की इंडस्ट्री को बड़ा झटका: 1800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बंद, जनरेटर भी फेल

MIG डुप्लेक्स फ्लैट्स के आगे पिलर पर बालकनी निर्माण की अनुमति दी गई थी।

पहली मंजिल पर ग्राउंड फ्लोर रूम के ऊपर एक अतिरिक्त कमरा भी बनाया जा सकता था।

लेकिन 2019 और 2023 की नीतियों में इन सभी प्रावधानों को खत्म कर दिया गया। खासकर सेक्टर 41-A के लोगों को फर्स्ट फ्लोर पर निर्माण की अनुमति नहीं दी गई, जिससे असमानता का भी आरोप लगा।

रहवासियों की मांग: पुरानी रियायतें बहाल करो!

CHB आवंटियों ने मांग की है कि 3 जनवरी 2023 को जारी पॉलिसी को रद्द किया जाए और एक नई व्यापक व समावेशी नीति बनाई जाए, जो जमीन पर मौजूद वास्तविकताओं को स्वीकार करे।

लोगों का कहना है कि वो आवश्यकताओं के तहत बदलाव करते हैं, न कि मनमानी से। बोर्ड को चाहिए कि वह सख्ती के बजाय समाधान पर फोकस करे।

हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा | haryana-waste-to-energy-project-oil-india-sweden-model-vipul-goel-2026
हरियाणा में लागू होगा स्वीडन का सफाई मॉडल, 84 शहरों में स्कैनर तकनीक से उठेगा घर-घर का कचरा

अब देखना होगा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की अगली बैठक में इसपर क्या फैसला लिया जाता है।

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड नीति 2023 को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। इस नीति ने पूर्व की रियायतों को खत्म कर हजारों मकानों को ‘वायलेशन’ की श्रेणी में डाल दिया है।

अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस विवादित नीति पर निर्णय लिया जाना है। लोग चाहते हैं कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड नीति 2023 को रद्द कर व्यावहारिक और जरूरत-आधारित नीति लागू की जाए।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment