चंडीगढ़ लोक अदालत (Chandigarh Lok Adalat) : शहर में बढ़ चुकी लाखों के चालान की पेंडेंसी को कम करने के लिए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इन दिनों में स्पेशल लोक अदालत लगाई जा रही है। प्रत्येक कोर्ट में 1 सितंबर से इसकी शुरूआत हुई है और 12 सितंबर तक चलेगी। 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत घोषित हो रखी है।
उस दिन चालानों के अतिरिक्त और कई प्रकार के मामले आते हैं। उस दिन चालान के मामले कम हो सकें इसलिए 12 दिनों की स्पेशल लोकल अदालत लगाई जा रही है। 30 अगस्त को ही डिस्ट्रिक्ट एंव सेशन जज की तरफ से इसके आदेश निकाल दिए गए थे। लेकिन कोर्ट में स्पेशल लोक अदालत में चालान भरने कम वाहन चालक आ रहे हैं।
उसके पीछे कारण है कि चालान की पूरी राशि का फाइन। वाहन चालकों का कहना है कि लोक अदालत में भी यदि चालान का पूरा फाइन भरने पड़े तो इसको लगाने का मकसद क्या है। कई वाहन चालक ऐसे हैं जिनकी गाड़ियां आगे बिक चुकी हैं लेकिन मोबाइल नंबर उनका ही चल रहा है। अब ऐसे में गाड़ी कोई ओर चला रहा और चालान उनको आ रहे हैं।
पहले लोक अदालतों में जुर्माना राशि होती थी कम
शुरू-शुरू में लोक अदालतों में जज चालान की राशि का जुर्माना काफी कम कर देते थे, जिस कारण वाहन चालक भी भुगतान के लिए आ रहे थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। सूत्रों की मानें तो राशि कम न करने का कारण भी यह निकल का सामने आया है। कि कोर्ट चाहता है वाहन चालक वर्चुअल चालान का भुगतान करें। कई वाहन चालक पढ़े-लिखे नहीं है और ऑनलाइन काम नहीं जानते। ऐसे में वह वर्चुअल चालान का भुगतान कैसे करें।
दूसरा वर्चुअल चालान में भुगतान करने पर भी ऑनलाइन चालान शो करता है। जबकि पेमेंट अकाउंट से कट जाती है। जब तक एनआईसी का यह पूरा सिस्टम दुरुस्त नहीं होता, सॉफ्टवेयर इंस्टॉल व अपडेट नहीं होते तब तक वर्चुअल चालान के भुगतान में वाहन चालकों को परेशानी आती ही रहेगी।
पेमेंट कटी, लेकिन ऑनलाइन चालान शो हो रहा
उधर, ट्रैफिक पुलिस के अफसरों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बहुत से लोगों ने वर्चुअल आनॅलाइन चालान का भुगतान कर रखा है लेकिन पेमेंट कटने के बावजूद चालान स्क्रीन पर शो हो रहा है। ऐसे में बहुत से ऐसे वाहन चालक रोजाना ट्रैफिक पुलिस लाइन में इस समस्या को लेकर आ रहे हैं। वर्चुअल चालान का उद्देश्य वाहन चालकों को आसान रास्ता देना है न कि समस्या में फंसाना। कोर्ट को भी वाहन चालकों को भुगतान में रिआयत देनी चाहिए, ताकि अधिक वाहन चालक अपने चालान का भुगतान करने आएं।













