Chandigarh Metro Project, (चंडीगढ़) : चंडीगढ़ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करने के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की बात तो खूब हुई, लेकिन एक साल बाद भी इसकी वायबिलिटी और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। पूर्व प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित के समय इस प्रोजेक्ट में तेजी आई थी, लेकिन अब रफ्तार थम सी गई है। सोमवार को चंडीगढ़ प्रशासक की एडवाइजरी काउंसिल की ट्रांसपोर्ट स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ने की। इस मीटिंग में राइट्स एजेंसी ने मेट्रो प्रोजेक्ट पर प्रेजेंटेशन दी, लेकिन फैसला यही हुआ कि पहले से बनी एक्सपर्ट कमेटी ही इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
पार्किंग में वेंडर्स की मनमानी
मीटिंग में पार्किंग एरिया में बढ़ती वेंडर्स की अतिक्रमण की समस्या पर भी चर्चा हुई। कमेटी ने साफ कहा कि पार्किंग में अवैध रूप से बैठे वेंडर्स को तुरंत हटाया जाए। साथ ही, यह भी जांच होगी कि आखिर कौन लोग या अधिकारी इन वेंडर्स को पार्किंग में काम करने की इजाजत दे रहे हैं। कमेटी ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। कमेटी के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ने बताया कि वेंडर्स की इस मनमानी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
ट्रांसपोर्ट सुधार के लिए नए कदम
ट्रांसपोर्ट स्टैंडिंग कमेटी अपने स्तर पर भी इस मामले की स्टडी करेगी, ताकि जल्द कोई ठोस फैसला हो सके। हालांकि, मेट्रो की वायबिलिटी और फिजिबिलिटी पर अंतिम फैसला प्रशासन की एक्सपर्ट कमेटी ही करेगी। मौजूदा प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नवंबर 2024 में एक कमेटी बनाई थी, जिसे उन शहरों का अध्ययन करना था, जहां मेट्रो चल रही है। इस कमेटी को चंडीगढ़ में मेट्रो की संभावनाओं पर रिपोर्ट देनी है। मीटिंग में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट ने भी कई मुद्दों पर बात रखी।
ट्रांसपोर्ट से जुड़े बड़े फैसले
मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हल्लोमाजरा में कमर्शियल व्हीकल्स के लिए पार्किंग यार्ड बनाने का प्रस्ताव आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा। चंडीगढ़ में 6000 एलपीजी और सीएनजी ऑटोरिक्शा, 6500 ई-रिक्शा और 800 ई-ऑटो रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसके अलावा, 5226 लोगों को इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए 35.06 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। नगर निगम को चार्जिंग स्टेशनों और अन्य सुविधाओं के लिए 12 लाख रुपये रेंट के तौर पर मिले हैं।
सुधार के लिए और सुझाव
कमेटी ने पार्किंग साइट्स पर चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी। साथ ही, 70% ईवी ड्राइवरों के पास लाइसेंस न होने की समस्या को देखते हुए स्पेशल ड्राइव कैंप लगाने का फैसला हुआ। ऑटोरिक्शा के लिए मध्य मार्ग और विकास मार्ग पर पिक एंड ड्रॉप पॉइंट्स बनाए गए हैं।
कमर्शियल व्हीकल्स की परमिट फीस, जो अभी 25 हजार रुपये है, उसे पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर कम करने की बात भी उठी। इसके अलावा, दड़वा में ट्रांसपोर्ट एरिया बनाने और इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 और 2 को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने पर भी चर्चा हुई। जून में ट्रांसपोर्ट एरिया के लिए जॉइंट विजिट की गई थी, और डीसी ऑफिस ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को पर्यावरण मंजूरी के लिए पत्र भेजा है।












