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Chandigarh Municipal Corporation: 4 प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी, कमिश्नर का सख्त रुख!

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Chandigarh Municipal Corporation: 4 प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी, कमिश्नर का सख्त रुख!
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Chandigarh Municipal Corporation scam Irregularities in 4 projects, Commissioner takes strict stand: चंडीगढ़ नगर निगम के चार प्रोजेक्ट्स में वर्क अलॉटमेंट, एग्जीक्यूशन, काम में अनियमितताएं और गलत तरीके से लाभ पहुंचाए जाने की आशंका है।

प्रोजेक्ट्स पर सवालों का साया

ये प्रोजेक्ट हैं- डड्डूमाजरा के कम्युनिटी सेंटर की रेनोवेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेल के तहत सूखे और गीले कचरे के प्रोसेसिंग प्लांट्स का ऑपरेशन और मेंटेनेंस, सेक्टर-34सी और डी की वी5 सड़कों पर पीसीसी टाइल्स की रिपेयर एंड मेंटेनेंस का काम और डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से कचरे की बायोमाइनिंग का टेंडर आकांक्षा इंटरप्राइजेज न्यू दिल्ली और रेकार्ट इनोवेशन गुरुग्राम को अलॉट करना।

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निगम कमिश्नर अमित कुमार इन चारों प्रोजेक्ट्स के टेंडर अलॉट करने से लेकर वर्क एग्जीक्यूशन, प्रोग्रेस रिपोर्ट की डिटेल जांच रिपोर्ट दो हफ्ते में मांगी है। जांच का जिम्मा सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर बीएंडआर धर्मेंद्र शर्मा और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर हॉर्टिकल्चर एवं इलेक्ट्रिकल केपी सिंह को दिया गया है।

डॉक्यूमेंट्स सहित रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। इस बारे में जांच करने वाले दोनों सुपरिटेंडिंग इंजीनियर और निगम कमिश्नर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन इनमें से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

कचरा प्रबंधन में बड़ी गड़बड़ी

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ड्राई एंड वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के काम में गड़बड़ी का समाचार प्रकाशित किया गया था। जिस कंपनी को मशीनरी मेंटेनेंस का 3.36 करोड़ का टेंडर अलॉट किया गया था, उसी कंपनी को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस वर्क दिया गया जो अब तक जारी है। इस कंपनी को निगम की ओर से हर महीने 32.50 लाख रुपए दिया जाता रहा।

कंपनी की ओर से शुरू से ही प्राइमरी श्रेडर बदला नहीं गया, जिससे सूखे कचरे की सही ढंग से प्रोसेसिंग नहीं हुई। खबर छपने के बाद निगम कमिश्नर ने जांच करवाई तो 81 के बजाय 40 कर्मचारी ही काम करते मिले। डंपिंग ग्राउंड में 300 टन कैपेसिटी गीला कचरा प्रोसेस करने लग चुका था, इसके बाद भी कंपनी गीला कचरा प्रोसेसिंग के भी चार्जेज लेती रही।

जांच रिपोर्ट के बाद कंपनी पर 28 लाख की रिकवरी डाली गई। कंपनी को शेड बनाना था वह नहीं बनाया। लीगेसी बायोमाइनिंग से आरडीएफ, बायोसॉयल और सीएंडडी वेस्ट निकलने थे। इनमें से आरडीएफ के पैसे की बिल से कटौती होनी थी इसमें भी गड़बड़ी सामने आ रही है।

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इन पॉइंट पर मांगी जांच रिपोर्ट

कार्य का दायरा और अनुमानित लागत • कार्य करने वाली एजेंसी ठेकेदार का विवरण • फाइनेंशियल एंड फिजिकल प्रोग्रेस
• काम कब किस तारीख को शुरू हुआ और किस तारीख को समाप्त मंजूर किए गए नॉर्म्स या प्रोसिजर में क्या कोई बदलाव था
• किसी भी बदलाव की जस्टिफिकेशन • संभावित विसंगतियों या अनड्यू फेवर पर टिप्पणी

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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